दुमका : दुमका शहर में पुलिस ने गुरुवार को एंटी रॉयट मॉक ड्रिल किया. टीन बाजार चौक एवं दुधानी टॉवर चौक में किये गये इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य अकस्मात स्थिति से निबटने की स्वयं तत्परता तथा आम जनता में पुलिस तत्परता के प्रति विश्वास बढ़ाना था.
डीसी राहुल कुमार सिन्हा एवं एसपी विपुल शुक्ला के नेतृत्व में इस एंटी रॉयट मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रदर्शन, आंदोलन एवं अन्य स्थितियों से निबटने के लिए पुलिस बल द्वारा विधि व्यवस्था को बनाये रखने के लिए किये गये प्रयासों को प्रदर्शित किया गया. इस मॉक ड्रिल में दिखाया गया कि ऐसी स्थिति में कैसे पहले पदाधिकारी-दंडाधिकारी द्वारा प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया जाता है. इस प्रयास के बावजूद भी भीड़ की उग्रता नहीं समाप्त होती है, तो उस परिस्थिति में प्रथम प्रयास के रूप में लाउड स्पीकर द्वारा प्रदर्शनकारियों को यह बताया जाता है कि उनका यह मजमा खिलाफ ए कानून करार दिया गया है.
इसलिए वे जल्दी तितर-बितर हो जायें बरना उन पर बल का प्रयोग किया जाएगा. इसके बावजूद विधि व्यवस्था नियंत्रित नहीं होने की स्थिति में द्वितीय प्रयास के रूप में टीयर गैस का प्रयोग किया जाता है. इसके बाद भी यदि स्थिति नियंत्रण में नहीं आती, तो भीड़ को तितर-बितर करने के उद्देश्य से दंडाधिकारी के आदेश से लाठी चार्ज किया जाता है एवं नेतृत्व कर रहे सदस्यों की गिरफ्तारी की जाती है. फिर भी स्थिति नियंत्रण से बाहर हो तो दण्डाधिकारी के आदेश से हवाई फाइरिंग की जाती है. मौके पर किसी के धायल होने की स्थिति में पुलिस बल का एक अन्य दल घायलों को अस्पताल पहुुंचाने के लिए तत्पर रहता है.
मॉक ड्रिल के दौरान डीसी-एसपी ने पुलिस कर्मियों को अकस्मात स्थिति से निबटने के कई तरीके बताये एवं आम जनता को पुलिस तत्परता के प्रति विश्वास के लिए संबोधित किया. एसडीओ सुधीर कुमार, डीएसपी पितांबर सिंह खेरवार व अशोक कुमार सिंह, नगर के थानेदार सह टाउन इंस्पेक्टर बीपी चौधरी आदि उपस्थित थे.
