दुमका : ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट आर्गेनाइजेशन एवं झारखंड केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसियेशन के आहृवान पर उपराजधानी दुमका में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की लगभग 350 दवा दुकानें बंद रहीं. दवा दुकान बंद रहने से सामान्य मरीजों को परेशानी हुई, लेकिन एसोसियेशन द्वारा वैसे मरीजों को दवा उपलब्ध करायी गयी, जिन्हें जीवन रक्षक दवाइयों की जरूरत थी.
बंद के दौरान तमाम कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एक जगह जुटे और अपनी मांगों को लेकर तथा सरकार की नीतियों के विरुद्ध एकजुटता प्रदर्शित की. इस दौरान एसोसियेशन के अध्यक्ष महेश प्रसाद साह एवं सचिव अनिल कुमार जायसवाल के नेतृत्व में आशीष कुमार दे, अमिताष कुमार, कामेश्वर गुप्ता, अनूप कुमार गुप्ता, जयप्रकाश गुप्ता, किशुन साह, विपीन अग्रवाल, प्रदीप गुप्ता, संजय साह, अमित कुमार दास, मनोज सिंह, गोविंद प्रसाद साह, पोरेश दास, मो तनवीर अहमद, संजीव केशरी, विपीन कुमार दास, वरुण कुमार गोरायं, विनित अग्रवाल, दिलीप गोरायं, गौरा मंडल, दीपक मंडल, नवीन हिम्मतसिंहका, संतोष कुमार, मनोज चौरसिया, पालन गुप्ता, तरुण गोरायं, राकेश कुमार आदि ने इस एक दिवसीय बंदी को सफल बनाया.
”ऑनलाइन फार्मेसी का कारोबार भारत जैसे देश के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. इससे देश के दवा व्यवसायियों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ेगा. ड्रग एंड कॉसमेटिक एक्ट 1940, ड्रग रुल्स 1945, फार्मेसी एक्ट, नारकोटिक्स एंड सायकोट्रोपिक सब्सटांस एक्ट के नियम और कानूनों के तहत दवा का व्यापार चलता है. इन कानूनों के तहत बिना मेडिकल प्रीसक्रिप्शन के दवा की बिक्री नहीं की जा सकती, लेकिन ऑनलाइन फार्मेसी में इसका उल्लंघन हो रहा है. एक तरह से यह दवाईयों का अवैध व्यापार है. लगातार इसका विरोध होगा, जबतक इस दिशा में सरकार ठोस कदम नहीं उठाती.
महेश प्रसाद साह, अध्यक्ष
दुमका केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन.
