एसकेएमयू की सिंडिकेट मीटिंग
दुमका : चहारदीवारी निर्माण से जुड़े एक वित्तीय अनियमितता के मामले में देवघर कॉलेज देवघर के प्राचार्य डॉ सीताराम सिंह के वित्तीय अधिकार वापस ले लिया गया है तथा उनका स्थानांतरण भी लगभग तय माना जा रहा है. उनके जगह पर किसी वरीय शिक्षक को दायित्व सौंपा जा सकता है. जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर डॉ सिंह पर यह कार्रवाई करने का फैसला सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के सिंडिकेट की मीटिंग लिया गया.
जिसकी अध्यक्षता वीसी डॉ कमर अहसन ने की. दिग्घी कैंपस में हुई बैठक में इस कॉलेज की जांच रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई. कॉलेज की चहारदीवारी निर्माण से जुड़े इस अनियमितता की जांच प्रो वीसी डॉ एसएन मुंडा, सीसीडीसी डॉ केपी अवस्थी एवं डीओ सुजीत कुमार सोरेन ने की थी.
बैठक में कई अन्य अहम निर्णय भी लिए गये. तय किया गया कि बीएसके कॉलेज बरहरवा के आठ शिक्षकों का उच्च न्यायालय के आदेश पर पंचम वेतनमान का निर्धारण कर एचआरडी रांची को भेजा जायेगा.
जिन शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मियों का वेतन निर्धारण कर राज्य सरकार से प्राप्त हो चुका है, उनका शपथ पत्र प्राप्त कर भुगतान किया जायेगा. विवि गठन के पश्चात जिन शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का सीधा योगदान विवि मुख्यालय में कराया गया था, उन्हें वापस संबंधित कॉलेज में भेजा जायेगा तथा उनका प्रतिनियोजन सुविधानुसार किया जायेगा. जेपीएससी से जिन चार शिक्षकों की प्रोन्नति की संचिका प्राप्त हुई है, उसकी अनुशंसा की गयी. निर्णय लिया गया कि विवि परिसर में सारे निर्माण कार्य सरकारी एजेंसी से करायी जायेगी. इसके लिए पत्र एचआरडी को भेजा जायेगा. विवि परिसर में वाई-फाई लगाने के लिए दो कंपनियों से प्रस्ताव मांगा गया, जिनमें एलवन के आधार पर चयन किया जायेगा. वहीं पीजी स्तर पर अब भूगोल, वाणिज्य, समाजशास्त्र, संस्कृत, मानवशास्त्र व मैथिली विषयों पर पढ़ाई आरंभ करने की अनुमति सरकार से मांगी जायेगी.
पीजी में कार्यरत चतुर्थवर्गीय कर्मियों को छठा वेतनमान राज्य सरकार से संचिका प्राप्त होने पर दी जायेगी. साहिबगंज कॉलेज साहिबगंज से सेवानिवृत्त शिक्षक पारसनाथ राय की बकाया राशि भुगतान के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया. इस कमेटी में डॉ सिकंदर प्रसाद यादव, डॉ अखिलानंद पाठक एवं सुरेश प्रसाद दास को शामिल किया गया.
बैठक के अंत में सभी विभागों को डिजिटलाइजेशन के लिए केंद्र सरकार की संस्था आइटीआइ के प्रतिनिधि ने प्रोजेक्टर के माध्यम से अपना प्रस्ताव को पेश किया. जिस पर विवि ने प्राक्कलन उपलब्ध कराने का आदेश दिया. बैठक में सदस्य डॉ अंजनी श्रीवास्तव, सुरेश प्रसाद दास, रघुनंदन राम सहित विवि के पदाधिकारी व तमाम सदस्य मौजूद थे.
