बरबाद हो गयी 25 प्रतिशत धान की फसल

दुमका : लंबे समय से बारिश नहीं होने तथा धान सहित अन्य खरीफ की फसलों पर पड रहे असर की समीक्षा संताल परगना प्रक्षेत्र के संयुक्त कृषि निदेशक रामनारायण प्रसाद ने आत्मा सभागार में की. समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जिले में लगभग 14.1 प्रतिशत धान की फसल बरबाद हो चुकी है. सबसे […]

दुमका : लंबे समय से बारिश नहीं होने तथा धान सहित अन्य खरीफ की फसलों पर पड रहे असर की समीक्षा संताल परगना प्रक्षेत्र के संयुक्त कृषि निदेशक रामनारायण प्रसाद ने आत्मा सभागार में की.
समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जिले में लगभग 14.1 प्रतिशत धान की फसल बरबाद हो चुकी है. सबसे बुरा प्रभाव सरैयाहाट प्रखंड में पड़ा है. यहां 25 प्रतिशत धान की फसल प्रभावित हुई है. इसी तरह रानीश्वर व गोपीकांदर में 20-20 प्रतिशत, जामा, रामगढ़ में 15-15 प्रतिशत, दुमका में 12 प्रतिशत, मसलिया में 10 प्रतिशत, जरमुंडी, शिकारीपाड़ा व काठीकुंड में 8 प्रतिशत धान की फसल प्रभावित हो चुकी है. क्षेत्र के पदाधिकारियों ने बताया कि निचली एवं मध्यम जमीन पर धान की स्थिति सामान्य है. जबकि ऊपरी जमीन पर ही धान की फसल को नुकसान पहुंच रहा है.
संयुक्त कृषि निदेशक ने सभी वीएलडब्ल्यू को सप्ताह में तीन दिन अवश्य क्षेत्र भ्रमण करने तथा फसल की स्थिति पर अद्यतित जानकारी लेते रहने का आदेश दिया. धान की फसल में लगने वाले मुख्य रूप से खैरा, ब्लास्ट, स्टीम बोरर, भनभनिया, उपरी दीमक इत्यादि कीटों के प्रकोप को देखते हुए आवश्यक कदम उठाने व प्रचार प्रसार करने की सलाह दी.
उन्होंने बताया कि जिले में दो एग्रो क्लीनिक की भी स्थापना की जायेगी. इसमें आत्मा, केवीके एवं कृषि विभाग के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे एवं किसानों की समस्याओं का निराकरण करेंगे. बैठक में आत्मा के परियोजना निदेशक डॉ दिवेश कुमार सिंह ने अटल पेेंशन योजना के लिए आत्मा को नोडल कार्यालय बनाये जाने की जानकारी दी. बैठक में उप परियोजना निदेशक संजय कुमार, विभिन्न प्रखंडों के बीटीएम, एटीएम एवं बीएओ शामिल रहे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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