दुमका : देशव्यापी कार्यक्रम के तहत माकपा के संताल परगना क्षेत्रीय कमेटी द्वारा प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय के समक्ष जन प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन में विभिन्न जिलों से आये किसानों व मजदूरों ने भाग लिया. सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार के जन विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना की तथा आम जनता से आह्वान किया कि मोदी सरकार के किसान मजदूर विरोधी रवैये के खिलाफ 2 सितंबर को देशव्यापी आम हड़ताल को वे सफल बनावें.
वक्ताओं ने कहा कि राज्य में भी भाजपा सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं और कानून व्यवस्था की स्थिति अत्यंत खराब हो गयी है. अपहरण, लूट, डकैती, हत्या और महिलाओं तथा बच्चियों के साथ दुष्कर्म की बढ़ रही घटनाओं पर काबू पाने में सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है.
वक्ताओं ने मनरेगा मजदूरों के बकाये मजदूरी का भुगतान नहीं होने तथा राज्य में स्थानीय एवं नियोजन नीति नहीं बनाये जाने पर भी नाराजगी जतायी. कहा कि सरकार के उदासीन रवैये की ही वजह से लाखों युवा नौकरी से वंचित हैं. जबरन भूमि अधिग्रहण और नया खनन कानून लागू कर राज्य के आदिवासियों और गरीबों को उनकी जमीन से बेदखल किया जा रहा है. भ्रष्टाचार पर भी अंकुश नहीं लग पाया है.
प्रदर्शन में ये सभी नेता थे शामिल
प्रदर्शन का नेतृत्व सीपीएम के संप क्षेत्रीय कमेटी के संयोजक प्रकाश विप्लव, मोकपा नेता एहतेशाम अहमद, मो इकबाल, सुरजीत सिन्हा, पूर्व ज्योतिन सोरेन, पाकुड़ जिला परिषद् अध्यक्ष गेमलीना सोरेन, सुभाष हेंब्रम, लखन लाल मंडल, मो रुस अंसारी, गजेंद्र कुमार, देवेंद्र देहरी, धुनाई मरांडी, देवी सिंह पहाड़िया और विरंची मोहली आदि मौजूद थे.
निकला जुलूस
आयुक्त कार्यालय में प्रदर्शन से पहले दुमका बस पड़ाव से मजदूर किसानों की रैली जुलूस के शक्ल में टीन बाजार, वीर कुंवर सिंह चौक तथा उपायुक्त कार्यालय होते हुए प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय पहुंची थी. वहां गेट में तैनात पुलिसबलों की मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शनकारी परिसर में घुस गये और धरने पर बैठ गये.
