परिजन ने एएसआइ पर लगाया वसूली का आरोप
दुमका : बीती शाम आरपीएफ के एक एएसआइ आरएन पासवान द्वारा दुमका रेलवे स्टेशन पर डंडे से एक बारह साल के बच्चे को पीटने से आक्रोशित लोगों ने स्टेशन में जमकर बवाल काटा. आक्रोशित एएसआइ को हटाने की मांग कर रहे थे. बच्चे के परिजन और रसिकपुर के कुछ लोगों का आरोप था कि आरपीएफ के उक्त एएसआइ स्टेशन में पानी, भुट्टा आदि बेचकर गुजर-बसर करने वालों से जबरन पैसे की वसूली करता है. उस बच्चे को भी इसलिए पीटा गया कि उसने मांगे जाने पर पैसे नहीं दिये.
हटाने के आश्वासन पर शांत हुए लोग : उक्त बच्चे को लेकर स्टेशन पहुंचे आजसू जिलाध्यक्ष अजय कुमार, लोक जनशक्ति पार्टी के जिलाध्यक्ष गिरधारी झा तथा मेलर आदिम जनजाति संघर्ष मोरचा के नेता मनोज सिंह मेलर की अगुआई में पहुंचे लोग तब तक हंगामा करते रहे और स्टेशन प्रबंधक को उनके कार्यालय कक्ष में घेरे रहे, जब तक कि स्टेशन प्रबंधक ने रेल पुलिस इंस्पेक्टर से बात कर एएसआइ आरएन पासवान हटाने का आश्वासन नहीं दिया.
‘‘रोजी-रोटी के लिए छोटा-मोटा कारोबार करने वालों से डंडा का भय दिखाकर रोजाना वसूली आम बात हो गयी थी, इसलिए लोगों ने उक्त एएसआइ पर कार्रवाई की मांग की.’’
अजय, आजसू जिलाध्यक्ष
‘‘बच्चे को पीटा गया है. ऐसा नहीं होना चाहिए था. लोगों की शिकायत को रेल पुलिस के इंस्पेक्टर तक पहुंचाया गया है. उन्होंने यहां से एएसआइ को हटाने की बात कही है’’
-श्रीप्रकाश, स्टेशन प्रबंधक
‘‘उक्त लड़का स्टेशन में बोतल लेकर दौड़-भाग कर रहा था. जो हादसे का कारण बन सकता है. हमने उसे रोकने की कोशिश की थी.’’
आरएन पासवान, एएसआइ, रेल पुलिस
‘‘स्टेशन पर पानी व सामान बेचने वालों से हर दिन 20-20 रुपये या महीने में 500 रुपये वसूला जाता है. नहीं देने पर पीटा जाता है. मेरे बेटे को भी पैसे के लिए पीटा गया.
– मुन्नी देवी, बच्चे की मां
