दुमका : कभी सुबह-शाम बच्चों एवं लोगों की भीड़ से गुलजार रहने वाला दुमका का एकमात्र चिड्रेन्स पार्क आज वीरान पड़ा हुआ है. काफी समय से पार्क के नहीं खुलने की वजह से यहां लोगों का आना-जाना बंद हो गया है.
यहां अक्सर शहर के लोग सैर सपाटे के लिए पहुंचते थे और बच्चे भी खूब मस्ती करते थे. मगर आज यहां कोई नहीं आता. प्रशासनिक एवं विभागीय अनदेखी की वजह से कभी आकर्षण का केंद्र रहा यह पार्क आज अपनी बदहाली परआंसू बहा रहा है. महीनों से बंद पड़े रहने की वजह से लंबी-लंबी झाड़ियां उग आयी है और उपयोग नहीं होने से इसमें लगाये गये झूले, सी-सॉ, पार्क में बैठने के लिए बने स्थान सभी बेकार हो गये हैं.
बंद होने के बहुत दिनों बाद खुला था पार्क
जब चिल्ड्रेन्स पार्क बहुत अच्छे से चल रहा था और आये दिन यहां बच्चे मस्ती करते थे, उसके बाद यह कुछ वर्षो तक के लिए बंद हो गया और लोगों का आना-जाना बंद हो गया. इसके बाद नगर पर्षद द्वारा इसके सौंदर्यीकरण का कार्य किया गया. सौंदर्यीकरण में दीवारों पर विभिन्न मूर्तियां और बैठने के लिए स्थान, फूलों के पौधे, क्यांरियां, फव्वारे लगाये गये और रंग-रोगन कराया गया. यहां फास्ट फूड के लिए एक स्टॉल भी लगाया था. लेकिन कुछ समय बाद यह बंद हो गया और अब तक बंद ही है.
कहते हैं लोग
‘शहर के आसपास कोई अन्य पार्क नहीं है, ये ही एकमात्र था, जिसके बंद हो जाने की वजह से बच्चों की जिद पर कहीं घुमाने के लिए नहीं ले जा पाते हैं, खासकर रविवार के दिन घरों में बैठना पड़ता है.’
– मुहम्मद इकबाल, बंदरजोड़ी
‘छुट्टी के दिन बच्चे घर पर बोर हो जाते हैं और कहीं बाहर पार्क में घुमना चाहते हैं, लेकिन चाह कर भी कुछ नहीं कर सकते. मजबूरन उन्हें इनडोर गैम खेलना होता है. जिससे उनका स्वास्थ्य प्रभावित होता है.’
ज्योति देवी, ग्रांट स्टेट
