रानीश्वर : मसानजोर डैम से निकले मयुराक्षी बायां तट मुख्य नहर के पक्कीकरण के कार्य का शिलान्यास 9 जुलाई को सिंचाई मंत्री चंद्र प्रकाश चौधरी के हाथों किया जायेगा़ अवसर पर शिकारीपाड़ा के विधायक नलीन सोरेन भी उपस्थित रहेंग़े
48 करोड़ रुपये की लागत से मयुराक्षी बायां तट मुख्य नहर का पक्कीकरण किया जायेगा़ इसकी जानकारी सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता शिव कुमार प्रसाद ने दी़ मयुराक्षी बायां तट मुख्य नहर का पक्कीकरण हो जाने से दुमका प्रखंड के रानीबहाल व रानीश्वर प्रखंड के सादीपुर, कुमिरदहा, पाथरा, सुखजोड़ा, पाटजोड़, दक्षिणजोल, हरिपुर, रांगालिया पंचायत के किसानों को पटवन उपलब्ध होगा़
नहर की मरम्मत के अभाव में दो दशक से प्रखंड के अधिकांश गांवों तक नहर में पानी नहीं पहुंच पा रहा था. नहर के पक्कीकरण कार्य की स्वीकृति मिलने से किसानों में खुशी है़ मिली जानकारी के अनुसार पहले चरण में मुख्य नहर का ही पक्कीकरण किया जायेगा़ बाद में वितरणी नहरों पर काम किया जायेगा़ उधर सिंचाई मंत्री के मसानजोर आगमन को लेकर मसानजोर के सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवन का साफ सफाई का कार्य चल रहा है़
दायां तट नहर अब तक बना ही नहीं
जब 1954-55 में मसानजोर डैम बन रहा था, तब इस डैम से बायां तट नहर का निर्माण किया गया था.प्रस्ताव यह भी था कि दाहिनी ओर भी एक नहर बनेगा, जिसका नाम दायां तट नहर होगा, लेकिन वह नहर आज तक नहीं बन सका. इस नहर को बनवाने की बात सभी राजनीतिक दल करते रहे. सत्ता में आये, तो किसी ने पहल नहीं की. अजरुन मुंडा सीएम थे, तब उन्होंने आश्वस्त भी किया था.
पर कोरा साबित हुआ. नहर बन जाता तो मसलिया के कोलारकोंदा के लपसा पाड़ा, रांगामटिया, तालडंगाल, सिंगरी जैसे दर्जन भर गांव तथा रानीश्वर के बांसकुली, बिलकांदी, गोबिंदपुर के तीन दर्जन गांव लाभान्वित होते.
