दुमका : संताल परगना में अब किसी भी तरह उद्योगों या परियोजनाओं की स्थापना के लिए होने वाले भूमि अधिग्रहण से पहले सोशल इंपैक्ट एससेमेंट का काम सिदो कान्हू मुमरू विश्वविद्यालय करेगी. इसके लिए झारखंड सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सिदो कान्हू मुमरू विश्वविद्यालय को अधिसूचित किया है.
एलएआरआर एक्ट 2013 और जेएलएआरआर रुल्स 2015 के प्रावधानों के तहत किसी भी जमीन के अधिग्रहण से पड़ने वाले उसके सामाजिक प्रभाव का आकलन अनिवार्य कर दिया गया है. इस तरह के अध्ययन के लिए सिदो कान्हू मुमरू विश्वविद्यालय को संताल परगना प्रमंडल के लिए अधिकृत किया गया है. पूरे राज्य से आठ संस्थाओं को इस कार्य के लिए चयनित किया गया है.
उल्लेखनीय है कि सिदो कान्हू मुमरू विश्वविद्यालय के पोषक क्षेत्र यानी संताल परगना प्रमंडल में कुल छह जिले हैं और इन जिलों में विश्वविद्यालय के अधीन 27 अंगीभूत व संबद्ध महाविद्यालयों की बड़ी संरचना है. जिसके जरिये ऐसी परियोजनाओं को लेकर विवि आसानी से इस तरह का अध्ययन कर पायेगा. इस क्रम में मंगलवार को विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ पीके घोष ने सभी जिलों के डीसी को पत्र भेज दिया है और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से मिले दायित्व से अवगत करा दिया है.
अदानी को मिला है जीतपुर कोल ब्लॉक
संताल परगना में गोड्डा जिले में राजमहल कोलफिल्ड के जीतपुर कोल ब्लॉक का आवंटन अदानी पावर लिमिटेड को मिला है. इस संबंध में अदानी पावर लिमिटेड के प्रतिनिधि मनीष कुमार सिंह ने पत्र लिखकर एसआईए कराने का अनुरोध किया है, ताकि पुर्नवास संबंधी कार्य बेहतर ढंग से हो सके.
यह पत्र गोड्डा डीसी को 16 जून को प्राप्त हुआ है.
अदानी के प्रतिनिधि पहुंचे एसकेएमयू : कुलपति प्रो डॉ कमर अहसन से वार्ता के लिए अदानी पावर लिमिटेड के प्रतिनिधि प्रभाकर झा दिग्घी पहुंचे. विश्वविद्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अदानी समूह की ओर से श्री झा ने जीतपुर कोल ब्लॉक से संबंधित सामाजिक प्रभाव के आकलन को लेकर बातचीत की. मिली जानकारी के मुताबिक इस दौरान प्रतिकुलपति प्रो सत्यनारायण मुंडा, कुलसचिव डॉ प्रसुन्न कुमार घोष व एसआईके के कार्डिनेटर डॉ अजय सिन्हा आदि मौजूद थे.
