दुमका : महिला सत्संग समिति द्वारा आयोजित श्रभ्म भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के दूसरे दिन कथा व्यास आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डॉ साक्षी महाराज ने कहा कि ज्ञान और वैराग्य की प्राप्ति भक्ति के मार्ग से ही हो सकती है. इसी तरह मोक्ष पाने का माध्यम भी ज्ञान व भक्ति ही है.
उन्होंने भगवान कपिल के अवतार से जुड़े प्रसंगों की चर्चा करते हुए कहा कि व्यक्ति अपने उम्र से नहीं ज्ञान से बड़ा होता है.इसलिए शुकदेव जी जिनकी आयु 16 साल की ही थी, सारे बड़े महात्मा मुनि उन्हें नमन करते थे. उन्होंने बताया कि भगवान कपिल ने अपनी माता देवहुति को अष्टांग योग द्वारा सहज समाधि उपदेश देकर उपकृत किया था. स्वामी साक्षी जी ने कहा कि भगवान के दरबार में कोई छोटा-बड़ा, अमीर-गरीब, मूर्ख-पंडित नहीं, सभी एक समान है, क्योंकि भगवान भाव के भूखे हैं और भाव ही प्यार है. तीसरे दिन बाल भक्त ध्रुव चरित्र, प्रह्वाद चरित्र व अजमिल उद्धार जैसे प्रसंग व कथायें सुनने को मिलेगी.
