विभागीय सचिव के सख्त तेवर का दिखा असर
मसलिया : मसलिया प्रखंड में नुनबिल नदी पर सुगापहाड़ी घाट में ध्वस्त पुल की मरम्मत का काम शुरू हो गया है. ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा इस पुल का निर्माण 2006 में 1 करोड़ 24 लाख 20 हजार रुपये की लागत से किया गया था. लेकिन यह पुलिस 2012 में ही क्षतिग्रस्त हो गया था.
प्रभात खबर में इस पुल के ध्वस्त हो जाने की खबर कई बार प्रमुखता से छपी थी, जिसके बाद कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरु हुई थी.
मामले में 18 अप्रैल को विभागीय सचिव मस्त राम मीणा ने 17 अप्रैल को चार इंजीनियर एवं रांची की संवेदक कंपनी नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था.
चारों इंजीनियरों में तत्कालीन कार्यपालक अभियंता रामजीत राय, सहायक अभियंता अनिल कुमार, कनीय अभियंता सत्य रंजन व महेंद्र प्रसाद के नाम शामिल थे.
खबर है कि प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिये जाने तथा मामला एक बार फिर तूल पकड़ने के बाद संवेदक कंपनी ने एक शपथ पत्र देकर इस पुल की मरम्मति करा देने की बात कही है. जिसके बाद संभवत: संवेदक एजेंसी को विभाग ने राहत देते हुए पुल का मरम्मत कराने को कहा है.
दो-तीन दिनों से इस पुल के क्षतिग्रस्त पीलरों को मजबूत करने और उस हिस्से में पुनर्निर्माण कराने की कवायद शुरू की गयी है. बहरहाल जो भी हो, लोगों के लिए राहत वाली बात यह है कि इस पुल की स्थिति सुधर जायेगी और लोग इस पुल से गुजरने में सहमेंगे नहीं.
