हत्या के मामले में लालमोहन हजारी को उम्रकैद

दुमका : जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय आशुतोष दूबे के न्यायालय ने सेशन केस नंबर 119/12 में हत्या किये जाने के मामले में दोषी पाये जाने पर मसलिया थाना क्षेत्र के दलाही टोला खैरगड़ा के लाल मोहन हजारी को उम्रकैद की सजा दी तथा 25 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है. अर्थदंड जमा नहीं करने […]

दुमका : जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय आशुतोष दूबे के न्यायालय ने सेशन केस नंबर 119/12 में हत्या किये जाने के मामले में दोषी पाये जाने पर मसलिया थाना क्षेत्र के दलाही टोला खैरगड़ा के लाल मोहन हजारी को उम्रकैद की सजा दी तथा 25 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है.
अर्थदंड जमा नहीं करने पर तीन महीने का अतिरिक्त कारावास की सजा उसे काटनी होगी. 25 हजार रूपये अर्थदंड आरोपी द्वारा जमा किये जाने पर वह रूपया मृतक की मां कुसुम देवी को दिया जायेगा. हत्या की यह वारदात 21 मई 2012 को हुई थी. मृतक संतोष रजवार उस रात खाना खाने के बाद हाथ पैर धोने व पानी पीने चापानल पर गया. कुछ ही देर में संतोष अपनी मां को आवाज देकर चिल्लाया, तो उसका बड़ा भाई, उसकी मां और भाई सचिन दौड़कर चापानल की ओर गये, तो पाया कि मुहल्लेका लाल मोहन हजारी अपने हाथ में लिए तेज धारदार कटारी से संतोष के गर्दन पर ताबड़तोड़ प्रहार कर रहा था.
जब इनलोगों ने बचाने का प्रयास किया तो लाल मोहन ने धमकी दी कि जो बचाने का प्रयास करेगा तो वह उसकी गर्दन काट देगा. 5-6 वर्ष पहले मृतक संतोष की मां से आरोपी 15 हजार रूपये बाहर लेबर ले जाने के लिए लिया था जिसमें से 7500 रूपये लौटा दिया था और बाकी का रूपया मांगने पर संतोष की हत्या कर दी. मृतक के बड़े भाई 22 मई 2012 को मसलिया थाना में लाल मोहन हजारी के विरूद्ध भादवि की धारा 302 के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
न्यायालय में ट्रायल के दौरान 15 गवाहों का परीक्षण किया गया. अभियोजन पक्ष से एपीपी ज्ञानेंद्र झा और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनिल झा ने केस की पैरवी की.

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