दुमका से रामपुरहाट तक चली ट्रेन, तारामंडल निर्माण के लिए एमओयू
दुमका के लिए गुरुवार का दिन सौगात बनकर आया. एक तरफ दुमका से रामपुरहाट तक सीधी ट्रेन सेवा प्रारंभ हो गयी. वहीं दूसरी ओर दुमका में तारामंडल निर्माण के लिए क्रिएटिव म्यूजियम डिजाइनर्स के साथ एमओयू हुआ. दुमका-रामपुरहाट रेल सेवा शुरू होने से यहां के लोगों का चिरप्रतिक्षित सपना भी पूरा हो गया.
अब दुमकावासी रेल से कोलकाता तक का सफर कर सकेंगे. अब तक यहां के लोग कोलकाता जाने के लिए या तो जसीडीह से ट्रेन पकड़ते थे, या फिर बस से जाते थे. साथ ही दुमका के लोग भी आकाशगंगा और इसके रहस्यों से रू -ब-रू हो सकेंगे. अब दुमकावासी का सही मायने में उपराजधानी में रहने का मजा उठा सकेंगे. हालांकि विकास के क्षेत्र में पिछड़ा संताल परगना के इस इलाके में जितना भी काम किया जाये, कुछ न कुछ शेष रह ही जायेगा.
दुमका : दुमका रेलवे स्टेशन से इस ट्रेन को रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा पिछड़े क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने की है और इस प्रतिबद्धता को सरकार ने अपने एक साल के कार्यकाल में साबित भी कर दिखाया है.
झारखंड में साझेदारी से सात रेल परियोजनाएं : श्री सिन्हा ने कहा कि झारखंड पहला ऐसा राज्य है, जिसने साझेदारी कर रेल परियोजनाओं में सहयोग किया है. यहां 6000 करोड़ रुपये की 537 किमी लंबी सात रेल परियोजनाएं तैयार होनी है. अब तक इसमें से 282 किमी रेल लाइन बिछ चुकी है और उसमें ट्रेन का परिचालन शुरु हो चुका है. शेष 133 किमी में जो कार्य बचे हुए हैं, उसे भी इसी साल पूरा कर लिया जायेगा. चार नयी रेल परियोजनाएं विभाग अपने संसाधन से पूरा करा रहा है. श्री सिन्हा ने कहा कि रेल कुछ राज्यों की होकर रह गयी थी इस भ्रांति को नरेंद्र मोदी की सरकार ने तोड़ा है.
बेहतर रेल सेवा एक चुनौती : उन्होंने कहा कि बेहतर रेल सेवा की कुछ चुनौतियां हैं. आजादी के बाद यात्रियों की संख्या में 16 गुणा वृद्धि हुई है और माल ढुलाई आठ गुणा. लेकिन नेटवर्क महज दोगुणा ही हम कर पाये हैं. नेटवर्क का विस्तार करना ही सबसे बड़ी चुनौती है. 492 रेलखंड अभी भी ऐसे हैं, जिसमें क्षमता से ज्यादा रेल चल रही है.
इसलिए सरकार ने 6 गुणा ज्यादा निवेश करने का फैसला किया है, ताकि इस खाई को पाटा जा सके. इसके लिए जो रोड मैप बनाया गया है, उसके तहत पांच साल में 8.5 लाख करोड़ रुपये निवेश किये जायेंगे. इसी साल 1.10 लाख करोड़ रुपये रेलवे में निवेश किया जायेगा. समारोह को दुमका सांसद शिबू सोरेन, गोड्डा सांसद निशिकांत दूबे, कल्याणमंत्री सह स्थानीय विधायक डॉ लोइस मरांडी, महेशपुर विधायक स्टीफन मरांडी, विधायक विधायक नारायण दास, भाजपा नेता अभयकांत प्रसाद व पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक आरके गुप्ता ने भी संबोधित किया.
जनता चाहती है कि सरकार टॉप गियर में चले
दुमका : भारत सरकार के रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा है कि सरकार बदलने के साथ साल भर के अंदर देश की राजनीति और कार्य संस्कृति में बदलाव आया है. राजनीतिक शब्दावली से भ्रष्टाचार जैसे शब्द हट गये हैं. लोगों की अपेक्षा बढ़ी है. वे यही चाहते हैं कि उनकी आकांक्षाओं का परिणाम एक साल में ही आ जाय.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जनता को भरोसा दिलाना चाहती है कि सरकार हर काम को तत्परता से करेगी. ऐसी परियोजना ही केंद्र सरकार स्वीकृत करेगी, जो समय पर पूरी हो सके.
उन्होंने कहा कि किसी के पास कार है, किसी के पास स्कूटर, तो किसी के पास बाइक. इंजन पुराना होता है, तो उसमें असरदार लुब्रिकेंट डालना होता है. असरदार लुब्रिकेंट रहे, तो उसका असर माइलेज पर पड़ता है. झारखंड की जनता ने या देश की जनता केंद्र में नरेंद्र मोदी को मजबूत लोकतंत्र के रुप में ऐसा लुब्रिकेंट दिया है, जो काफी असरदार है. सालभर में तो यह सरकार थर्ड गियर में चली, लेकिन जनता चाहती है कि सरकार टॉप गियर में चले. अपने कार्यकाल में सरकार देश को टॉप गियर में ले जायेगी.
दुमका तारामंडल के लिए किया गया एमओयू
रांची : प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री रघुवर दास की उपस्थिति में दुमका तारामंडल निर्माण के लिए राज्य सरकार और क्रियेटिव म्यूजियम डिजाइनर्स के बीच एमओयू हुआ. राज्य सरकार की ओर से विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के उपसचिव अम्रेश्वर प्रसाद सिंह और क्रियेटिव म्यूजियम डिजाइनर्स के एमडी सुब्रतो सेन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये. मौके पर सीएम के प्रधान सचिव संजय कुमार और विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के प्रधान सचिव एल ख्यांगते भी उपस्थित थे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुमका तारामंडल अंतरिक्ष विज्ञान तथा ब्रह्मांड के रहस्यों में रुचि रखने वाले छात्रों एवं सामान्य जनों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा. इससे अंतरिक्ष विज्ञान में हुई सहज एवं रचनात्मक प्रगति को और बढ़ावा मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक शिक्षा, शोध एवं विकास से संबंधित सभी जानकारी लोगों को उत्सुक करती हैं. संताल परगना क्षेत्र में इससे वैज्ञानिक चेतना को बढ़ावा मिलेगा.
एक हजार वर्ग मीटर में बनेगा : तारामंडल के बाबत जानकारी देते हुए क्रियेटिव म्यूजियम डिजाइनर्स के एमडी सुब्रतो सेन ने बताया कि यह कंपनी कला संस्कृति मंत्रलय के अधीन नेशनल कौंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम का एक अंग है.
उन्होंने बताया कि दुमका तारामंडल का निर्माण दुमका पॉलिटेक्निक परिसर में होगा. एक हजार वर्ग मीटर में तारामंडल होगा, जहां 150 लोगों के बैठने की क्षमता होगी. इसका गुंबद 15 मीटर व्यास का होगा. 29.99 करोड़ की लागत से तारामंडल का निर्माण होगा. वर्ष 2018 में यह आरंभ हो जायेगा. इसके ठीक बगल में साइंस सेंटर बनाने का भी प्रस्ताव है.
तारामंडल में एक एस्ट्रोनॉमी क्लब भी बनाया जायेगा, जहां स्थानीय छात्र एस्ट्रोनॉमी का अध्ययन कर सकते हैं. साथ ही तारामंडल में 15 मिनट की फिल्म झारखंड से संबंधित दिखायी जायेगी. यहां एस्ट्रोनॉमी गैलरी भी होगी, जहां लोग अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी ले सकेंगे. श्री सेन ने बताया कि रांची में भी तारामंडल निर्माणाधीन है. तारामंडल की मशीन विदेशों से मंगायी जाती है जिसके चलते इसकी लागत बढ़ जाती है.
देवघर में भी बनेगा तारामंडल : देवघर के नंदन पहाड़ी इलाके में एक छोटा तारामंडल का निर्माण करने का प्रस्ताव है. जहां 55 लोगों के बैठने की क्षमता होगी. इसकी लागत 8.46 करोड़ की होगी. जल्द ही इस पर भी काम शुरू होगा.
