मसलिया के गोलपुर गांव में नहीं पहुंची बिजली

प्रतिनिधि, मसलियाप्रखंड के बलियाजोड़ पंचायत के गोलपुर गांव में अभी तक बिजली नहीं पहुंची, जिससे यहां के ग्रामीण अब तक ढिबरी युग में जीने को विवश हैं. सरकार की उदासीनता और अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों के संवेदनहीनता की वजह से अब तक इस प्रखंड के गोलपुर आदिवासी गांव में बिजली नहीं है. ग्रामीण मदन टुडू, गोपाल […]

प्रतिनिधि, मसलियाप्रखंड के बलियाजोड़ पंचायत के गोलपुर गांव में अभी तक बिजली नहीं पहुंची, जिससे यहां के ग्रामीण अब तक ढिबरी युग में जीने को विवश हैं. सरकार की उदासीनता और अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों के संवेदनहीनता की वजह से अब तक इस प्रखंड के गोलपुर आदिवासी गांव में बिजली नहीं है. ग्रामीण मदन टुडू, गोपाल हेंब्रम, विशेश्वर टुडू, विरान हंेब्रम, रूपलाल टुडू आदि ने बताया कि झारखंड अलग राज्य बनने के डेढ़ दशक बाद भी इस गांव के लोगों को बिजली का लाभ नहीं मिल सका है. चार साल पहले राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत गांव में बिजली सेवा के लिए ट्रांसफॉर्मर व बिजली का पोल एवं तार लगाया गया था. विभागीय उदासीनता की वजह से ये सारी चीजें शोभा की वस्तु बनी हुई है. पंचायत के गोलपुर गांव को छोड़ कर सभी गांवों में तीन साल पहले ही बिजली की सेवा बहाल कर दी गई है. लेकिन आदिवासी टोला में बिजली सेवा शुरू नहीं किये जाने के बावजूद भी विभाग द्वारा गांव के उपभोक्ताओं के नाम पर हरेक महीने बिजली बिल भेज दिया जा रहा है. ‘गोलपुर गांव में बिजली बहाल नहीं होने की जानकारी अधिकारी को दी गयी है. बिजली बहाल के पहले लोगों के नाम पर बिजली बिल भेजना विभाग की लापरवाही है.’सुलेखा हेंब्रम, मुखिया …………………………………………………………फोटो-27 डीएमके/मसलियागोलपुर गांव.—————————————–

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