-चार-पांच लोग ही रख सके अपनी बात-माइक की थी खराब व्यवस्था-बैठने और खड़े होने तक व्यवस्थित नहीं थामलूटी से संजीत मंडलदेर शाम जब जनसंवाद कार्यक्रम शुरू हुआ तो वहां अव्यवस्था ही अव्यवस्था थी. न ग्रामीणों के बैठने की व्यवस्था थी और न ही माइक की अच्छी व्यवस्था थी. एक छोटे से बॉक्स के सहारे जनसंवाद कार्यक्रम हुआ. कोई किसी की सुन नहीं रहा था. बोलने वालों में भाजपा के प्रखंड अध्यक्ष व कई पदाधिकारी ही आगे थे. कुछ ग्रामीणों को मौका मिला लेकिन अधिकांश ग्रामीण व महिलाएं माइक व वहां की अव्यवस्था के कारण बोल नहीं पाये. चार-पांच लोगों ने ही मुख्यमंत्री से संवाद कियाएक ग्रामीण समीर कुमार साहा जो बंगाली भाषा में बात कर रहे थे, उन्होंने कहा कि यहां घूमने तो बहुत सीएम आये हैं. कई सीएम को घोषणा करते हुए सुने. मुख्यमंत्री रघुवर दास भी आये हैं, रात को यहां रूकेंगे. अच्छी बात है. पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने मलूटी में रात बितायी है. हम लोगों ने अपनी समस्या रख दी है. लेकिन क्या इस रात में जो वादे मुख्यमंत्री ने किये हैं, इसकी सुबह कभी आयेगी.सीएम ने जनसंवाद में सरकार के कार्यक्रमों को गिनायाजनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ही अधिक बोले, शेष जनता कार्यकर्ता बनकर सुनती रही. उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को एक-एक कर बताया. शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी, बिजली सहित अन्य व्यवस्था में सुधार आयेगा. क्षेत्र के विकास के लिए सरकार प्ऱतिबद्ध है.
लोगों ने कहा, बहुत सीएम आये, सबने घोषणा की
-चार-पांच लोग ही रख सके अपनी बात-माइक की थी खराब व्यवस्था-बैठने और खड़े होने तक व्यवस्थित नहीं थामलूटी से संजीत मंडलदेर शाम जब जनसंवाद कार्यक्रम शुरू हुआ तो वहां अव्यवस्था ही अव्यवस्था थी. न ग्रामीणों के बैठने की व्यवस्था थी और न ही माइक की अच्छी व्यवस्था थी. एक छोटे से बॉक्स के सहारे जनसंवाद […]
