प्रतिनिधि, दुमका दुमका सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय वनकाठी में 335 बच्चों पर एक चापानल है. जिससे छात्रों व मध्याह्न भोजन कर्मियों को काफी दिक्कत होती है. इस विद्यालय में छात्रों के अनुरूप कमरों की भी कमी है. गरमी में इस एक चापानल से भी कम व पिला पानी निकलता है. इसके प्रयोग से बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है. इस चापानल में भोजन करने के बाद थाली धोने और पानी पीने के लिए बच्चों को घंटों लंबा लाइन लगाना पड़ता है, जिसमें काफी समय लगता है और बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है. कई बार चापानल के खराब हो जाने पर विद्यालय द्वारा ठीक कराया जाता है और एक चापानल लगाने के लिए विभाग से कई बार आग्रह किया गया. लेकिन अब तक इस ओर कोई पहल नहीं की गयी है. कई बार तो स्कूली छात्रों ने इसका विरोध किया और अभिभावकों ने विद्यालय में आकर इसकी शिकायत की. प्रधान शिक्षक सह झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रमंडलीय संयोजक श्याम किशोर सिंह गांधी ने बताया कि यही हाल आदर्श मध्य विद्यालय गांधी नगर का है. जहां 325 छात्र नामांकित है. विद्यालय के शिक्षक विजय कुमार मरांडी, रामानंद मिश्र, दीपक पंजियारा, विभूति मंडल आदि ने विद्यालय के इस व्यवस्था पर दु:ख जताया है और कहा कि इस समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जायेगा. ……………………………………..फोटो 21 दुमका स्कूल मध्याह्न भोजन के बाद चापानल में लाईन लगाकर प्लेट धोते छात्र. …………………………………..
ओके... वनकाठी के प्राथमिक विद्यालय में 335 छात्रों में एक चापानल
प्रतिनिधि, दुमका दुमका सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय वनकाठी में 335 बच्चों पर एक चापानल है. जिससे छात्रों व मध्याह्न भोजन कर्मियों को काफी दिक्कत होती है. इस विद्यालय में छात्रों के अनुरूप कमरों की भी कमी है. गरमी में इस एक चापानल से भी कम व पिला पानी निकलता है. इसके प्रयोग से […]
