ओके ::: जिला संतमत सत्संग के अधिवेशन में स्वामी हरिनंदन ने कहा

मानव को भोगना ही पड़ता है अपने कर्मो का फलसंवाददाता, दुमकासंतमत सत्संग का 24 वां जिला वार्षिक अधिवेशन शुक्रवार को संपन्न हो गया. प्रात: काल में ईश्वर के स्वरूप एवं सायंकाल में कर्म सिद्धांत के विषय पर संतमत के वर्तमान आचार्य स्वामी हरिनंदन परमहंस ने कहा कि हर मनुष्य को अपने कर्मों का फल भोगना […]

मानव को भोगना ही पड़ता है अपने कर्मो का फलसंवाददाता, दुमकासंतमत सत्संग का 24 वां जिला वार्षिक अधिवेशन शुक्रवार को संपन्न हो गया. प्रात: काल में ईश्वर के स्वरूप एवं सायंकाल में कर्म सिद्धांत के विषय पर संतमत के वर्तमान आचार्य स्वामी हरिनंदन परमहंस ने कहा कि हर मनुष्य को अपने कर्मों का फल भोगना पड़ता है. वह सुकर्म करे या कुकर्म. उन्होंने कहा कि महर्षि मेंही परमहंस ने महापरिनिर्वाण के पूर्व कहा था कि ‘सुकिरत कर ले नाम, सुमर ले को जाने की कल जगत में खबर नहीं पल की…’ इसलिए संसार में सुकर्म कीजिए और प्रभु का नाम लीजिए. कर्म विषय पर डॉ स्वामी विवेकानंद, स्वामी निर्मलानंद, स्वामी गुरुनंदन जी, स्वामी अरण्यानंद, स्वामी अनंतानंद, स्वामी सत्यप्रकाश आदि ने कहा कि ईश्वर को पाने का सबसे बेहतर मार्ग भक्ति है. इस अवसर पर अध्यक्ष हरिप्रसाद अग्रवाल, देवेंद्र प्रसाद गुप्त, ओम प्रकाश पंडित, देवानंद कुमार, जगदीश झुनझुनवाला, सच्चिदानंद प्रसाद, वीरदेव पंडित, चतुर्भुज पंडित आदि थे.————————–फोटो13 दुमका सत्संग 1/2

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >