बासुकिनाथ : बाल विकास परियोजना कार्यालय परिसर जरमुंडी में मंगलवार को डायन प्रथा उन्मूलन पर सीडीपीओ नायाब जेबा की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन हुआ. जिसमें सामाजिक कुरीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई. सीडीपीओ ने कहा कि अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है.
सीडीपीओ नायाब जेबा ने बताया कि भौराबाद पंचायत के बंदरजोरी गांव में आंगनबाड़ी सहायिका पकलु हांसदा को ग्रामीण डायन कह उसे केंद्र पर काम करने नहीं देते. बताया कि 13 फरवरी को ग्रामीणों के साथ बंदरजोरी गांव में बैठक कर सहायिका को पुन: काम पर वापस लाया जायेगा. सामूहिक रूप से लोगों को समझाने का प्रयास किया जायेगा. पंचायत समिति सदस्य दयामुनी मुमरू ने बताया कि समाज से इस कुरीति को मिटाने की जरूरत है.
सेविकाओं ने नुक्कड़ नाटक व गीत के माध्यम से लोगों को जागरूक किया. चिकित्सा पदाधिकारी डा प्रभात कुमार ने भी कई महत्वपूर्ण बातों की जानकारी दी. मौके पर पर्यवेक्षिका पुनम वर्मा, रत्ना झा, अर्चना, शशिरजनी कुजूर सेविकाएं आदि उपस्थित थे.
