प्रतिनिधि, काठीकुंड कृषि प्रोद्योगिकी अभिकरण, आत्मा दुमका द्वारा प्रखंड के खैरबनी गांव में कृषक पाठशाला का आयोजन पंचायत के उपमुखिया प्रदीप सिंह की अध्यक्षता में हुई. प्रखंड तकनीकी प्रबंधक पवन कापरी ने श्री विधि से गेहूं की खेती में एक एकड़ में दस किलो बीज की जरूरत बताया. कम बीज व कम पानी के बावजूद परंपरागत विधि से दोगुना उपज होने की बात कही. पौधा संरक्षण केंद्र के प्रभारी हिरण कुमार ने बीजोपचार के बारे में बताते हुए आइपीएम कीट के प्रयोग करने के तरीके व कीट की पहचान करने की जानकारी दी. मौके पर कृषक मित्र भोला सिंह, वासुदेव सिंह, जगदीश सिंह, दुबराज सिंह, बुधन सिंह आदि मौजूद थे.
कृषक पाठशाला में दी गयी उन्नत खेती की जानकारी
प्रतिनिधि, काठीकुंड कृषि प्रोद्योगिकी अभिकरण, आत्मा दुमका द्वारा प्रखंड के खैरबनी गांव में कृषक पाठशाला का आयोजन पंचायत के उपमुखिया प्रदीप सिंह की अध्यक्षता में हुई. प्रखंड तकनीकी प्रबंधक पवन कापरी ने श्री विधि से गेहूं की खेती में एक एकड़ में दस किलो बीज की जरूरत बताया. कम बीज व कम पानी के बावजूद […]
