रानीश्वर : पाथरा गांव के मोची टोला में देसी शराब बनाने का धंधा बंद कराने को लेकर महिलाओं ने घर से निकलकर शुक्रवार को चार शराब की भट्ठी को ध्वस्त कर दिया. इससे पूर्व महिलाएं गांव में शराब का धंधा बंद कराने को लेकर रानीश्वर थाना में आवेदन भी दिया था.
महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब बनाने व बेचने का धंधा जारी रहने से बड़ों से लेकर बच्चों पर भी बुरा असर पड़ रहा है. शराब पीकर पुरुष महिलाओं व बच्चों को प्रताड़ित कर रहे थे. इससे पूरे परिवार में अशांति छायी रहती है. साथ ही बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है. शराब का धंधा जारी रहने से टोला में दिन-रात एक दूसरे से झगड़ा- झंझट होते रहता है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्पाद विभाग समय-समय पर विभिन्न गांवों में छापेमारी करता है. शराब के धंधे में लिप्त लोगों पर कार्रवाई नहीं किये जाने से दो चार दिन बाद से शराब का धंधा फिर से शुरू हो जाता है. विभिन्न गांवों में महिलाओं के पहल पर गांव में शराब बनाने व बेचने का धंधा बंद हो चुका है.
पाथरा गांव के मोची टोला में शराब बंद कराने के लिए थाना में दिये गये आवेदन के बारे में थाना प्रभारी फागु होरो ने बताया कि मामले की छानबीन कर कार्रवाई की जायेगी.
जागरुकता
पूर्व में महिलाएं पुलिस से कर चुकी थी शिकायत
बच्चों पर पर रहा था बुरा प्रभाव
पढ़ाई हो रही थी बाधित
महिलाएं हो रही थी प्रताड़ना की शिकार
परिवार में शराब की वजह से बनी रहती थी अशांति
ग्रामीणों ने जब्त की शराब
पुलिस जांच में जुटी
हत्यारोपित पांडव की जमानत खारिज
पीडीजे की अदालत में दिया था आवेदन
