किसानों के मुद्दे व सांप्रदायिक सद्भाव के लिए चलेगा अभियान

एलान . माकपा की संप क्षेत्रीय कमेटी की बैठक में वृंदा करात ने कहा संताल परगना क्षेत्रीय कमेटी की बैठक में पार्टी की पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात ने एलान किया कि किसानों के मुद्दे एवं सांप्रदायिक सद्भाव के विषय को लेकर पूरे राज्य में अभियान चलाया जायेगा. इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर जमकर […]

एलान . माकपा की संप क्षेत्रीय कमेटी की बैठक में वृंदा करात ने कहा

संताल परगना क्षेत्रीय कमेटी की बैठक में पार्टी की पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात ने एलान किया कि किसानों के मुद्दे एवं सांप्रदायिक सद्भाव के विषय को लेकर पूरे राज्य में अभियान चलाया जायेगा. इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा.

दुमका : मरार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के संताल परगना क्षेत्रीय कमेटी की बैठक मंगलवार को दुमका परिसदन में पार्टी की पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात व कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में संपन्न हुई. इस बैठक में किसानों के मुद्दे एवं सांप्रदायिक सद्भाव के विषय को लेकर पूरे राज्य में अभियान चलाये जाने का एलान किया गया. बैठक को संबोधित करते हुए वृंदा करात ने कहा कि एसपीटी व सीएनटी एक्ट के मामले में रघुवर सरकार पीछे हटी है, लेकिन उसकी मंशा अभी भी यहां के रैयतों की जमीन कॉरपोरेट घरानों को सौंपने की है. सरकार की इस साजिश को राज्य की जनता अपने बल पर परास्त करेगी.

वृंदा ने कहा कि राज्य में तथाकथित गौ रक्षकों द्वारा अल्पसंख्यकों की हत्या करने और सांप्रदायिक उन्माद फैलाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने इसके खिलाफ अमनपसंद नागरिकों के साझा मंच के बैनर तले सद्भाव का अभियान संगठित करने पर बल दिया. सुभाष हेंब्रम की अध्यक्षता में संपन्न इस बैठक को राज्य सचिव गोपीकांत बक्शी, संताल परगना क्षेत्रीय कमेटी के सचिव प्रकाश विप्लव, सचिव मंडल के सदस्य मो इकबाल, सुरजीत सिन्हा, पूर्व विधायक ज्योतिन सोरेन, एहतेशाम अहमद, शिवानी पाल, लखनलाल मंडल, देवी सिंह, अशोक साह ने संबोधित किया. में देवघर, दुमका, साहिबगंज, पाकुड़, जामताड़ा एवं गोड्डा के जिला सचिव एवं जन संगठनों के नेता मौजूद थे.

दुमका : माकपा पोलित ब्यूरो की सदस्य वृंदा करात ने अमरनाथ तीर्थयात्रियों पर हुए आतंकवादी हमले की निंदा की है. दुमका में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आतंकवादियों की यह कार्रवाई निंदनीय और कायरतापूर्ण है. वृंदा ने कहा कि आतंकवादियों के मंसूबे व उनके उद्देश्यों को समझना और उन पर कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि 2002 के बाद तीर्थयात्रियों पर हमले की यह बड़ी घटना है. ऐसे हमले भविष्य में न हो, इसे सुनिश्चित कराना होगा.

उन्होंने कहा कि अलर्ट के बावजूद तथा इतने सुरक्षा इंतजाम के बावजूद आतंकी हमला होना यह बेहद चिंता का विषय है. कहा कि खुफिया सूचना होने के बावजूद इतनी बड़ी चूक कैसे हो गयी, इसकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह हमला कश्मीर की परंपरा के विपरीत है. कश्मीर में यात्रियों पर हमले का मतलब यही है कि आतंकी कश्मीरियों की कश्मीरियत को खत्म करना चाहते हैं. पाकिस्तान धर्म के नाम पर ध्रुविकरण बढ़ाना चाहता है.

सरकार इन आतंकी अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे और सजा दिलाये. उनके पीछे जो शक्तियां हैं, उन्हें कड़ा संदेश दिया जाय. पोलित ब्यूरो की सदस्य ने कहा कि यदि देश में अमन-चैन बहाल करना है, तो सरकार को कश्मीर की जनता को विश्वास में लेना होगा. एक होकर इस समस्या का निदान निकालना होगा. उन्होंने कहा कि विश्व के सामने पाकिस्तान की करतूतों को लाना होगा, तभी आतंकी घटनाओं पर विराम लग पायेगा.

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