प्रदर्शन . झामुमो ने सभी प्रखंड मुख्यालयों में दिया धरना
किसानों की समस्याओं को लेकर झामुमो की ओर से जिले के विभिन्न प्रखंडों में धरना दिया गया है. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि आज राज्य में किसानों की स्थिति काफी खराब है. किसान आत्महत्या को मजबूर हो रहे हैं. कार्यकर्ताओं ने सरकार से किसानों का ऋण माफ करने की मांग की.
दुमका : झारखंड मुक्ति मोरचा द्वारा राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत सोमवार को जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों में चार सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया तथा राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की गयी. इस क्रम में संबंधित प्रखंडों के बीडीओ को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंप कर किसानों के हर तरह के कर्ज माफ करने, उचित मूल्य पर उन्हें खाद-बीज उपलब्ध कराने, किसानों को धान का न्यूनत्तम समर्थन मूल्य का भुगतान कराने तथा बिजली के बिल में की गयी बढ़ोतरी की मांग की गयी.
सदर प्रखंड में अध्यक्ष क्यूम अंसारी की अध्यक्षता में हुए इस धरना कार्यक्रम को जिला अध्यक्ष सुभाष सिंह ने मुख्य रुप से संबोधित किया और कहा कर्ज के तले दबे किसान आत्महत्या करने को विवश हैं. सरकार न तो उनके उत्पाद को समय पर खरीद पा रही है और न ही खरीदने के बाद उसका भुगतान कर रही है.
ऐसी नीतियों से किसानों-गरीबों का भला नहीं हो सकता. यहां धरना में जिला सचिव शिव कुमार बास्की, जिला उपाध्यक्ष सिराजउद्दीन अंसारी, संगठन सचिव बैजनाथ यादव, नगर अध्यक्ष रवि यादव, कोषाध्यक्ष प्रीतम कुमार, विजय मल्लाह, प्रेम हांसदा, रहमत अली, अनिमेश साहा, सुशील हेंब्रम, विष्णु मांझी, जियाराम राय, अताउल अंसारी, रमन टुडू, बुदिराम हेंब्रम, होपना टुडू, जोसेफ सोरेन, साहेब मरांडी, खुर्शीद आलम, रामचंद्र मंडल, रजाउल अंसारी, मो हामूज, मो मनीर, अशोक मुर्मू, सुरेंद्र राणा, दानयल मुर्मू, मो नाहिर, मौ केश, मो सलाम, लोबिन पाल, यूशुफ अंसारी, सफात अंसारी, आलोक पाल, सोनेलाल मुर्मू, कामराज मुर्मू, परमेश्वर टुडू, महिला मोरचा की सूर्यमूनी मुर्मू आदि उपस्थित थे.
रानीश्वर प्रतिनिधि के अनुसार झामुमो कार्यकर्ताओं ने प्रखंड कार्यालय के समक्ष धरना दिया. यहां सलाम अंसारी, भैरव दत्त, अमल मंडल, प्रदीप घोष, आजीम खान, मोतालिव खान आदि उपस्थित थे.
गोपीकांदर प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड परिसर में कार्यकर्ताओं ने किसानों के कर्ज माफी को लेकर वर्तमान सरकार के विरोध में धरना प्रदर्शन किया तथा राज्यपाल के नाम बीडीओ को ज्ञापन सौपा. धरना प्रदर्शन में जगन्नाथ राय, दशरथ भगत, अमरनाथ प्रसाद, निजु मंडल, लखीचंद मंडल आदि शामिल थे.
काठीकुंड प्रतिनिधि के अनुसार पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जेएमएम की प्रखंड इकाई प्रखंड अध्यक्ष नइमुद्दीन अंसारी की अध्यक्षता में धरना-प्रदर्शन किया. काठीकुंड में दुमका-साहिबगंज सड़क निर्माण में जीवीआर कम्पनी द्वारा अधूरे छोड़े गए चांदनी चौक चौराहे पर अप्रोच पथ का काम पूरा कराने, चांदनी चौक से गांधी चौक तक मुख्य मार्ग का चौड़ीकरण करने, फसल बीमा का अविलम्ब भुगतान करने आदि की मांग कर रहे थे. कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि जोन सोरेन,
सनाउल अंसारी, रहमत अली, कलीम अंसारी, हुसैन अंसारी, अजय भगत, स्टीफन मरांडी, सुरेश भगत, जियालाल भगत, रोबिन लाहा, इम्तियाज अंसारी, जयप्रकाश मोदी, लाल बाबू, गौरीशंकर भगत आदि मौजूद थे.
सरैयाहाट प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड कार्यालय के सामने झामुमो प्रखंड कमिटि की ओर से धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित गई. जिसमें बंद पड़े कोल्ड स्टोरेज को जल्द चालू कराया जाए, मनरेगा में हुई अनियमितता की जांच की कराने सभी आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण, बाल विकास परियोजना में हो रही गड़बडी की जांच आदि की मांग की गई. मौके पर पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष देवलाल बेसरा, मुर्तजा अंसारी, तालको सोरेन, तैयब अंसारी, मुन्ना अंसारी, अशोक मंडल, सीताराम मंडल, रामदेव यादव, गफुर अंसारी, रामचन्द्र साह, बिष्णु मंडल, देवेन्द्र राय, पोंडा हांसदा आदि मौजूद थे.
मसलिया प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड में धरना कार्यक्रम में दौरान जिला अध्यक्ष सुभाष सिंह ने कहा कि रघुवर सरकार किसानों की जमीन को पूंजीपतियों के हाथों सौंपना तथा आदिवासी तथा मूलवासी को लड़ाने का काम करना चाह रही है. यहां केंद्रीय कार्य समिति सदस्य निशित वरण गोलदार, प्रखंड अध्यक्ष वासुदेव टुडू, सचिव असित वरण गोलदार, सीताराम मिस्त्री, षष्टी पद नंदी, रामधन टुडू, हराधन दत्ता, जयदेव दत्ता, शिशु सोरेन, दिनेश चंद्र झा, विरेंद्र किस्कू, शर्मिला हांसदा, उत्तम चौधरी, अप्पु दास, गिदानी मुर्मू, गायना सोरेन, कृष्णा प्रसाद यादव, रफीक आलम, जिठु मियां आदि उपस्थित थे.
रामगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार सोमवार को भाजपा सरकार के खिलाफ एक दिवसीय धरना सह पुतला दहन कार्यक्रम प्रखंड अध्यक्ष शिवलाल मरांडी की अध्यक्षा में हुई. मौके पर नंदलाल राउत, छोटेलाल मंडल, नंदकिशोर साह, पटवारी सोरेन आदि उपस्थित थे.
