1. home Hindi News
  2. state
  3. jharkhand
  4. dhanbad
  5. scholarship scam school news latest updates dhanbad jharkhand investigation in school paise ki awaidh nikasi prt

Scholarship Scam : 12,664 छात्रों के नाम पर हुई निकासी, 2080 को ही मिली छात्रवृत्ति, इन स्कूलों की होगी जांच

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
Scholarship Scam
Scholarship Scam
प्रतीकात्मक तस्वीर

अशोक कुमार, धनबाद : केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा अल्पसंख्यक छात्रों को दी जाने वाली प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति के नाम पर वर्ष 2019-20 के दौरान धनबाद में ''लूट की गंगा'' बहा दी गयी. इसका अंदाजा इसी लगाया जा सकता है कि वर्ष 2018-19 के दौरान जिले में सिर्फ 2080 अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को यह छात्रवृृत्ति दी गयी थी. एक वर्ष बाद (वर्ष 2019-20) ही लाभुकों की संख्या छह गुना बढ़ कर 12664 हो गयी. यानी जिले के 162 स्कूलों से लगभग 10 हजार फर्जी छात्रों को छात्रवृत्ति दे दी गयी.

चार हजार से अधिक नहीं रहे लाभुक : जिले में अल्पसंख्यक छात्रों मिलनेवाली प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति की कुल संख्या वर्ष 2018-19 तक चार हजार से अधिक कभी नहीं गयी थी, लेकिन वर्ष 2019-20 के दौरान सारे रिकार्ड टूट गये. अगर इस वर्ष इस घोटाले का खुलासा नहीं होता, तो वर्ष 2020-21 के दौरान भी यह साजिशकर्ता अपने मंसूबे में कामयाब हो जाते. वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए अक्तूबर के अंत तक 7000 से अधिक आवेदन मिल चुके थे, जबकि आवेदन देने की अंतिम तिथि 15 नवंबर है.

  • पांचवीं तक के जिन छात्रों को 1000 रुपये मिलना चाहिए, उन्हें दिलाये गये 10,700 रुपये

  • वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए अब तक सात हजार आवेदन आ गये हैं

  • 40 स्कूल संचालकों से हुई पूछताछ, कुछ स्कूलाें ने प्रताड़ना का आरोप लगाय

तेतुलमारी के स्कूल में महिला के साथ आया था शाहिद, सूची लेकर गया था : स्कूल संचालकों से हुई पूछताछ : शुक्रवार को एडीएम लॉ एंड ऑर्डर की अध्यक्षता वाली जांच कमेटी के समक्ष 40 स्कूलों ने छात्रवृत्ति से संबंधित कागजात जमा किये और अपना पक्ष रखा. जांच कमेटी ने इन स्कूल संचालकों को पहले दिन बुलाया था. कई स्कूलों को शनिवार को बुलाया गया है. वहीं पूछताछ के बाद कई स्कूल संचालकों ने जांच कमेटी पर उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगाया.

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, झारखंड के सचिव प्रवीण दुबे ने आरोप लगाया : अधिकारी सभी प्राचार्यों को डरा-धमका रहे थे. पूछताछ क दौरान उनसे जबरदस्ती गुनाह कबूल करने को कहा जा रहा था. उन्होंने आरोप लगया कि निजी स्कूलों को जबरन फंसाने की साजिश की जा रही है. अगर आगे भी भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जाएगा, तो वे न्यायालय की शरण में जायेंगे.

यूडायस से किया गया मिलान : जांच कमेटी के सभी सदस्य जांच में दिन भर जुटे रहे. अधिकारियों की मानें, तो एक टीम अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन देनेवाले सभी स्कूलों के 2019-20 के आकंड़ों का मिलान यू-डायस से कर रही थी. इन आकंड़ों में बड़ी संख्या में फर्जीवाड़े के प्रमाण मिले हैं. यह मिलान शनिवार को भी जारी रहेगा. इसके साथ फर्जीवाड़े में बड़ी संख्या में फर्जी आधार कार्ड के इस्तेमाल के प्रमाण भी मिल रहे हैं. जांच कमेटी के पास प्रारंभिक जांच के लिए शनिवार तक का समय है. यह टीम शनिवार से सोमवार तक अपनी रिपोर्ट उपायुक्त उमाशंकर सिंह को सौंप देगी.

आवेदन नहीं दिया, फिर भी हो गया भुगतान : मॉर्डन इंग्लिश एकेडमी, इसलामपुर के मामले में बड़ी गड़बड़ी सामने आयी है. स्कूल के पांचवी कक्षा तक के छह छात्रों को 10700 रुपये की छात्रवृृत्ति दी गयी है, जबकि इन छात्रों को नियमानुसार 1000 रुपये ही मिलने चाहिए थे. इस स्कूल के नाम पर भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है. स्कूल के प्रिंसिपल मो हसनैन बताते हैं कि उन्होंने स्कूल की ओर से केवल छह छात्रों को छात्रवृत्ति देने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन उनके स्कूल के नाम पर 114 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दे दी गयी है. इनमें छह छात्रों को छोड़ कर कोई भी उनका छात्र नहीं है. यह कैसे हुआ, वह यह नहीं जानते हैं.

एक भी अल्पसंख्यक छात्र नहीं, 270 को छात्रवृत्ति : चिरकुंडा के चिल्ड्रेन पैराडाइज स्कूल का मामला अपने अपने आप में अलग है. इस स्कूल में एक भी अल्पसंख्यक छात्र नहीं है. स्कूल के प्रिंसिंपल पुनीत चौहान बताते हैं कि उनकी ओर से छात्रवृत्ति के लिए आवेदन दिया ही नहीं गया था, लेकिन उनके स्कूल के नाम 270 छात्रों को छात्रवृत्ति दे दी गयी है. उन्होंने बताया : जितने छात्रों को छात्रवृत्ति दी गयी, उसके एक तिहाई छात्र ही उनके स्कूल में पढ़ते हैं. उनका स्कूल पांचवी कक्षा तक ही संचालित किया जाता है, लेकिन उनके स्कूल के नाम पर छात्रवृत्ति पानेवाले छात्रों को नौवीं और 10वीं का छात्र बताया गया है.

किस वर्ष, कितने काे छात्रवृत्ति मिली

वर्ष लाभुक

2016-17 1371

2017-18 3338

2018-19 2080

2019-2012664

ये स्कूल भी जांच के दायरे में

स्कूल लाभुक

  • रॉयल ग्लोबल एकेडमी 232

  • रॉय एकेडमी 176

  • पीएसएन पब्लिक स्कूल गोविंदपुर243

  • एनसी एकेडमी 185

  • मध्य विद्यालय टुंडी बोर्ड 253

  • मध्य विद्यालय मदनपुर 267

सभी प्रकार की छात्रवृत्ति योजनाओं की हो रही जांच : उपायुक्त द्वारा गठित जांच टीम सभी तरह की छात्रवृत्ति योजनाओं की जांच कर रही है. टीम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय से इन छात्रवृत्ति योजनाओं से संबंधित कागजात की मांग की है. जांच कमेटी ने राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय मेधा छात्रवृति के साथ राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय गरीब मेधा छात्रवृत्ति योजना के तहत लाभान्वित छात्रों की सूची मांगी है. इस पर डीईओ कार्यालय द्वारा पिछले 10 वर्षों के दौरान इन योजनाओं के तहत दी गयी छात्रवृत्ति की सूची जांच कमेटी को उपलब्ध करा दी है. इन सूचियों को खोजने के लिए डीइओ कार्यालय के कर्मियों को दिनभर काफी मशक्कत करना पड़ी.

दलाल का नाम बताया : जीबीएम पब्लिक स्कूल तेतुलमारी के प्रिंसिपल झरी महतो ने एडीएम लॉ एंड ऑर्डर को बताया कि कल्याण विभाग के नाम पर शाहिद नाम का एक व्यक्ति एक महिला के साथ आया. उसने बताया था कि वह छात्रवृत्ति दिलाने का काम करता है. उन्होंने स्कूल के यू-डायस कोड के साथ उनके स्कूल में पढ़नेवाले 55 अल्पसंख्यक बच्चों का सूची शाहिद को दी थी, लेकिन किसी बच्चे को छात्रवृत्ति नहीं मिली. उनके स्कूल के नाम पर 212 फर्जी बच्चों को छात्रवृत्ति दे दी गयी. उन्होंने शाहिद का मोबाइल नंबर एडीएम लॉ एंड ऑर्डर को दे दिया है.

Posted by: Pritish Sahay

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें