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RSS का आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में विस्तार पर जोर, सरसंघचालक मोहन भागवत ने प्रचारकों के साथ किया मंथन

3 दिवसीय प्रांतीय कार्यकर्ताओं की बैठक में शिरकत करने शुक्रवार को RSS प्रमुख मोहन भागवत धनबाद पहुंचे. प्रांतीय कार्यकर्ताओं की बैठक में जहां आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में संघ की पकड़ मजबूत बनाने पर जोर दिया गया, वहीं मिशन 2024 की तैयारी पर भी मंथन शुरू हुआ.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
धनबाद पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत 3 दिवसीय प्रांतीय कार्यकर्ताओं की बैठक में कर रहे हैं शिरकत.
धनबाद पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत 3 दिवसीय प्रांतीय कार्यकर्ताओं की बैठक में कर रहे हैं शिरकत.
प्रभात खबर.

Jharkhand News (धनबाद) : झारखंड पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत मिशन 2024 की तैयारी शुरू कर दी है. इसको लेकर शुक्रवार को धनबाद पहुंचे श्री भागवत ने झारखंड के हर क्षेत्र में संगठन के विस्तार के एजेंडे पर मंथन के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का 3 दिवसीय प्रांतीय कार्यकर्ताओं की बैठक में शिरकत की. बैठक में आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में संघ की पकड़ मजबूत बनाने पर अधिक जोर होगा.

शुक्रवार को राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत की मौजूदगी में प्रांतीय बैठक चल रही है. पहले सत्र में झारखंड के 40 प्रचारकों को ही शामिल होने की अनुमति थी. दो घंटे तक चली इस बैठक में संगठनात्मक विस्तार पर चर्चा हुई. प्रचारकों के साथ झारखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में संघ की वर्तमान स्थिति पर चर्चा हुई.

साथ ही, संगठन को और कैसे मजबूत बनाया जा सकता है, इस पर भी रणनीति बनायी गयी. कहा गया कि घोर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में जहां अभी संघ की स्थिति कमजोर है, उन क्षेत्रों पर ज्यादा जोर दिया जाये. एक-एक गांव में प्रचारक तथा पूर्णकालीन कार्यकर्ताओं को लगाया जाये. लोगों को संघ से जोड़ने की कोशिश करें. उन्हें संघ की नीतियों के बारे में बतायें.

हर टोला-मुहल्ला में पहुंचना करें सुनिश्चित

सूत्रों के अनुसार, बैठक में सरसंघचालक ने प्रचारकों को काम के कई टिप्स दिये. कहा कि हर टोला-मुहल्ला में संघ के कार्यकर्ता पहुंचें. संघ की नीति और सिद्धांत स्पष्ट है. इससे कोई समझौता नहीं हो सकता. देश के दूसरे क्षेत्रों में संगठन की ताकत बढ़ी है. झारखंड में भी स्थिति अच्छी है. लेकिन, कुछ क्षेत्रों में अब भी स्थिति थोड़ी कमजोर है. ऐसे इलाकों के लिए खास रणनीति पर काम करें. यहां सक्रिय दूसरे संगठनों के हिडेन एजेंडा के बारे में लोगों को बतायें. संघ की विचारधारा से तालुक रखने वाले लोगों तथा सहयोगी संगठनों का सहयोग लें.

सहयोगी संगठनों के लोगों के प्रवेश पर भी रोक

कोरोना के कारण लगभग दो वर्ष बाद हो रही संघ की प्रांत स्तरीय बैठक में केवल चुनिंदा लोगों को ही कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश दिया जा रहा था. स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार पर पुलिस बलों के अलावा संघ के स्वयं सेवक मौजूद थे. भाजपा के किसी नेता को अंदर जाने नहीं दिया गया. विद्यार्थी परिषद, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल जैसे आनुषांगी संगठनों के सदस्यों को भी आज कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति नहीं थी. जिनका नाम अंदर से सूची में आयी थी. उन्हें ही बैठक में शामिल होने दिया गया. प्रवेश द्वार पर ही हर किसी का मोबाइल ले लिया जा रहा था.

शनिवार को आयेंगे बिहार के पदाधिकारी

संघ की तीन दिवसीय बैठक के दूसरे दिन बिहार से भी कुछ पदाधिकारी शामिल होंगे. इसमें क्षेत्रीय स्तर के प्रचारक शामिल हैं. शनिवार की बैठक में भी संगठन विस्तार पर ही चर्चा होगी. लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर संघ अभी से तैयारी कर रही है. संगठन को अभी से चुनाव मोड में लाया जा रहा है.

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