Dhanbad News: धनबाद में सीवान के शूटरों से अपराध करवा रहा प्रिंस खान

Dhanbad News: गिरफ्तार शूटर अफरीदी सिद्दीकी व लक्की विशाल ने स्वीकारोक्ति बयान में कबूला

Dhanbad News: धनबाद में संगठित अपराध के नेटवर्क को लेकर पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. गैंगस्टर प्रिंस खान के लिए बिहार के सीवान से आये शूटर धनबाद में आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे थे. प्रिंस खान के गिरफ्तार दो शूटर अफरीदी सिद्दीकी और लक्की विशाल उर्फ छोटू उर्फ विशाल ने पुलिस रिमांड पर पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किये हैं. दोनों ने स्वीकार किया है कि वे प्रिंस खान के निर्देश पर रंगदारी के लिए आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते थे.

तीन को भेजा गया जेल :

बैंक मोड़ पुलिस ने पूछताछ के बाद आशीष कुमार सिंह, सूरज कुमार तांडी व वासेपुर के तौकीर रजा को वापस धनबाद जेल भेज दिया गया. वहीं अफरीदी व विशाल को शनिवार को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद जेल भेजा गया.

स्लीपर सेल की तरह कर रहे थे काम

पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों ने बताया कि वे लोग प्रिंस खान के लिए स्लीपर सेल की तरह काम करते हैं. ये लोग का पेशा अलग-अलग है, लेकिन सिर्फ प्रिंस खान और उसके कुछ खास लोगों का फोन आने के बाद सभी सक्रिय हो जाते हैं. प्रिंस खान से जितना आदेश मिलता है, उतना काम करते हैं और उसके एवज में राशि मिलती है. फिर ये लोग अपने आम जीवन में लौट जाते हैं. पूछताछ ने अपराधियों ने बताया कि ये लोग आदेश मिलने के बाद शूटर को ठहराने, रुपये मुहैया करवाने, रास्ता दिखाने तथा अन्य काम करते हैं. राजगंज के पंप में फायरिंग मामले में तौकिर ने ही शूटरों को रास्ता दिखाने का काम किया था.

बिहार के शूटरों के गठजोड़ से प्रिंस ने तैयार किया नया नेटवर्क

पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रिंस खान ने बिहार के पेशेवर शूटरों से गठजोड़ कर धनबाद में एक नया नेटवर्क तैयार किया है. उसके गिरोह के स्थानीय सदस्य इन बाहरी शूटरों के लिए हथियार, वाहन, ठहरने की व्यवस्था से लेकर सुरक्षित वापसी तक की पूरी व्यवस्था करते थे. धनबाद पहुंचने पर ये शूटर किराये के मकान या होटल में ठहराये जाते थे, जहां उनकी पहचान छिपाने के लिए फर्जी नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता था.

स्थानीय गिरोह उपलब्ध कराता था विशेष टारगेट

पुलिस की जांच में यह भी बीत सामने आयी है कि बिहार के शूटरों को विशेष टारगेट और समय स्थानीय गिरोह द्वारा दिया जाता था. घटना को अंजाम देने के बाद शूटर धनबाद से फरार होकर बिहार या झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में छिप जाते थे. इस दौरान स्थानीय गिरोह के सदस्य उनकी मदद करते थे. स्थानीय गिरोह अपराध की रकम को क्रिप्टोकरेंसी, ऑनलाइन सट्टेबाजी एप समेत अन्य तरीकों के जरिये प्रिंस खान तक पहुंचाते हैं.

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