Prabhat Khabar Impact: अब सुधरेगी धनबाद की जमुनिया नदी की हालत, केंद्र सरकार की टीम ने किया सरप्राइज इन्सपेक्शन

Prabhat Khabar Impact: झारखंड के धनबाद जिले की जमुनिया नदी में अवैध कोयला खनन को लेकर प्रभात खबर में छपी रिपोर्ट का बड़ा असर हुआ है. केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की टीम ने माटीगढ़ा डैम के पास औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण में नदी की बदहाल स्थिति सामने आई. अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट सौंपने और कार्रवाई का भरोसा दिया है. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

धनबाद से सुमन सिंह की रिपोर्ट

Prabhat Khabar Impact: झारखंड के धनबाद जिले की जमुनिया नदी की हालत अब शायद सुधर जाएगी. इसका कारण यह है कि प्रभात खबर की रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार की टीम औचक निरीक्षण (सरप्राइज इन्सपेक्शन) करने धनबाद पहुंची. धनबाद के माटीगढ़ा डैम के पास बहने वाली जमुनिया नदी में अवैध कोयला खनन और छेड़छाड़ को लेकर प्रभात खबर में रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की टीम ने मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया. मंत्रालय के उप निदेशक पशुपला रवि ने जमुनिया नदी और उसके आसपास हो रहे अवैध कोयला खनन से हो रही पर्यावरणीय नुकसान का जायजा लिया.

नदी की हालत देखकर हैरान रह गए अधिकारी

औचक निरीक्षण के दौरान बीसीसीएल बरोरा क्षेत्र के जीएम (जेनरल मैनेजर) केके सिंह ने जमुनिया नए पुल के ऊपर से टीम को नदी का निरीक्षण कराया. नदी को संकरा कर कोयला तस्करों की ओर से किए जा रहे अवैध खनन और मिट्टी कटाव को देखकर उप निदेशक पशुपला रवि अचरज में पड़ गए. उन्होंने मौके पर ही कहा कि नदी की मौजूदा स्थिति गंभीर चिंता का विषय है. पूरे निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर विभाग को सौंपी जाएगी.

अवैध खनन से पर्यावरण को भारी नुकसान

बीसीसीएल के अधिकारियों के अनुसार, जमुनिया नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कोयला खनन की शिकायतें मिल रही थीं. नदी के प्राकृतिक बहाव को बाधित कर कोयला निकाला जा रहा था. इससे जल स्रोत, आसपास की जमीन और जैव विविधता पर सीधा असर पड़ा है. इससे न केवल जल प्रदूषण बढ़ा है, बल्कि भविष्य में बाढ़ और भू-धंसान का खतरा भी गहराता जा रहा है.

दामोदा कोलियरी और एक्यूआई मशीन की भी हुई जांच

औचक निरीक्षण के दौरान केंद्रीय टीम ने बरोरा क्षेत्र की दामोदा कोलियरी की भौगोलिक स्थिति की भी जानकारी ली. इसके बाद ब्लॉक-दो क्षेत्रीय कार्यालय में स्थापित एयर क्वालिटी मॉनिटर (एक्यूआई) मशीन की जांच की गई, ताकि यह देखा जा सके कि खनन गतिविधियों का वायु गुणवत्ता पर कितना प्रभाव पड़ रहा है. अधिकारियों ने संबंधित दस्तावेजों और मॉनिटरिंग सिस्टम की भी समीक्षा की.

बीसीसीएल और मुख्यालय के कई अधिकारी रहे मौजूद

इस दौरान कोयला भवन मुख्यालय से प्रबंधक (पर्यावरण) मारिया अहसन, उप प्रबंधक (पर्यावरण) आदर्श कुमार और प्रीति झिरवाल, एजीएम काजल सरकार, दामोदा परियोजना पदाधिकारी विजय कुमार, सिक्योरिटी नोडल इंचार्ज उत्सव कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे. सभी अधिकारियों से आवश्यक जानकारियां ली गईं और जमुनिया नदी की स्थिति पर चर्चा की गई.

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सुधर सकती है जमुनिया नदी की तस्वीर

केंद्रीय टीम के औचक निरीक्षण के बाद यह उम्मीद बढ़ गई है कि जमुनिया नदी क्षेत्र में हो रहे अवैध कोयला खनन पर सख्त कार्रवाई होगी. प्रभात खबर की रिपोर्ट से उठे इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के संज्ञान लेने के बाद स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं में भी सकारात्मक माहौल है कि अब जमुनिया नदी की हालत सुधरेगी और प्राकृतिक स्वरूप को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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