Dhanbad News : सिंदरी में विजयादशमी उत्सव की तैयारी पूरी हो गयी है. विजयादशमी के दिन यहां विशालकाय रावण के पुतले का दहन होता है. सिंदरी में रावण दहन महोत्सव का आयोजन अविभाजित बिहार और अब झारखंड राज्य का सबसे पौराणिक आयोजन है. सिंदरी में रावण दहन की शुरुआत 1956 से हुई थी. कमेटी के लोगों ने बताया कि पाकिस्तान के बहावलपुर से शरणार्थी के रूप में सिंदरी आये चमनलाल लांबा ने सिंदरी में रावण दहन कार्यक्रम की शुरुआत की थी. 1956 से सिंदरी में दो अवसरों को छोड़ कर लगातार रावण दहन का कार्यक्रम हुआ. वर्तमान में कार्यक्रम के सचिव दिनेश सिंह ने बताया कि झरिया विधायक सूर्यदेव सिंह के निधन के वर्ष 1991 में और रावण दहन महोत्सव के पूर्व सचिव प्रभुनाथ सिंह के निधन के वर्ष पर 2017 में रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन नहीं हुआ था. इस वर्ष 2025 में शिव मंदिर परिसर में विजयादशमी को रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा. झरिया विधायक रागिनी सिंह इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगी. महावीरी झंडा जुलूस , शस्त्र प्रदर्शन और आतिशबाजी रावण दहन महोत्सव का विशेष आकर्षण होगा. यहां धनबाद जिले भर से श्रद्धालु कार्यक्रम देखने के लिए आते हैं. भीड पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन की ओर से पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था करती है. सिंदरी के डोमगढ और कांड्रा में भी रावण दहन कार्यक्रम होता है.
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