Dhanbad News: ऑनलाइन व्यवस्था के बाद भी म्यूटेशन के केस लंबित

30 दिन के अंदर जमीन का म्यूटेशन करने का प्रावधान है, पर ऐसा नहीं हो रहा है.

धनबाद.

धनबाद जिले में जमीन-जायदाद के म्यूटेशन (नामांतरण) का हाल संतोषजनक नहीं है. ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बावजूद बड़ी संख्या में आवेदन महीनों से लंबित हैं. धनबाद जिला के 12 अंचलों की कुल 8411 फाइलें लंबित है. जिले में सबसे अधिक केस गोविंदपुर अंचल में लंबित हैं. जिले में 784 फाइलें ऐसे हैं जो तीन माह से अधिक समय से पेंडिंग हैं. वहीं पिछले एक माह से 3570 फाइल पेंडिंग हैं, जिसमें कोई ऑब्जेक्शन नहीं है. इसके अलावा शेष फाइलें लंबे समय से पेंडिंग हैं. नियमत: 30 दिन के अंदर जमीन का म्यूटेशन करने का प्रावधान है, लेकिन अंचल कार्यालय में लंबे समय तक फाइलें पेंडिंग हैं.

लंबित मामलों का अंबार

राजस्व अंचलों में हजारों आवेदन अब तक निष्पादित नहीं हो पाये हैं. रजिस्ट्री के बाद जमीन का नामांतरण नहीं होने से खरीदारों को बैंक लोन, नक्शा पास कराने और जमीन पर निर्माण जैसे कार्यों में परेशानी हो रही है.

तकनीकी गड़बड़ी और कर्मियों की कमी

ऑनलाइन पोर्टल जमाबंदी पंजी-2 और जमीन रजिस्ट्रेशन सिस्टम के आपसी लिंक न बनने से कई फाइलें अटक रही हैं. अंचल कार्यालयों में राजस्व कर्मियों की कमी भी एक बड़ा कारण है.

बिचौलिये सक्रिय

म्यूटेशन प्रक्रिया में देरी का फायदा उठाकर दलाल सक्रिय रहते हैं. आवेदकों से त्वरित निष्पादन के नाम पर मोटी रकम लेने की भी शिकायतें सामने आती हैं.

गोविंदपुर अंचल में सबसे अधिक आवेदन पेंडिंग

गोविंदपुर अंचल में सबसे अधिक 2519 आवेदन पेंडिंग है. जबकि धनबाद अंचल में 1933, एग्याकुंड में 368, केलियासोल में 442, झरिया में 31, टुंडी में 109, तोपचांची में 695, निरसा में 697, पुटकी में 14, पूर्वी टुंडी में 176, बलियापुर में 493 व बाघमारा अंचल में 834 फाइलें पेंडिंग हैं.

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Author: ASHOK KUMAR

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