Dhanbad News : झारखंड के घाटशिला उपचुनाव में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) अपना प्रत्याशी देगा, लेकिन प्रत्याशी अभी तय नहीं किया गया है. उक्त घोषणा पार्टी सुप्रीमो विधायक जयराम कुमार महतो ने तोपचांची प्रखंड के रामाकुंडा में केंद्रीय कमेटी व कोल्हान के सभी मोर्चा के सदस्यों के साथ आयोजित बैठक में की. पांच घंटे तक चुनाव लड़ें या नहीं, इस पर मंथन के बाद केंद्रीय कमेटी ने निर्णय लिया कि पार्टी उपचुनाव में अपना प्रत्यासी देगी और राजग व इंडिया गठबंधन से समान दूरी बना कर रखेगी. मौके पर पार्टी महासचिव फरजान खान, उपाध्यक्ष मोतीलाल महतो, देवेंद्र नाथ महतो, रमेश हेंब्रम, दिनेश साहू, सुधीर अकेला, बेबी महतो, पूजा महतो, प्रेम मरांडी, सुशील मंडल, तरुण महतो, रूपा महतो, महासचिव पांडू राम हायबूरू, बसंती हेंब्रम, राजेंद्र बेदिया, अनिता हेंब्रम, सोनामनी मार्डी, पवन कुमार रजक, बालेश्वर दास, महेंद्र मंडल, डॉ बसंती हेंब्रम आदि थे.
कोल्हान कमेटी तय करेगी उम्मीदवार का नाम
इस दौरान जयराम महतो ने कहा कि पार्टी प्रत्याशी चयन ऊपर से नहीं किया जायेगा. कोल्हान के बूथ स्तर से लेकर प्रमंडलीय स्तर के कार्यकर्ता मिल बैठ कर प्रत्याशी तय करेंगे, जिसकी घोषणा केंद्रीय कमेटी करेगी. कहा कि यह एक लोकतांत्रिक पार्टी है, बंद कमरे में बैठक आयोजित कर पार्टी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की जायेगी. इसीलिए रामाकुंडा के पहाड़ की तलहटी में प्रदेश के सभी जिला कमेटी, विधान सभा प्रत्यासी, जिलाध्यक्ष, केंद्रीय कमेटी व सभी मोर्चा के खुला संवाद के बाद ने पार्टी ने निर्णय लिया कि पार्टी प्रत्याशी का चयन कोल्हान प्रमंडल की कमेटी करेगी.रेल टेका आंदोलन में पार्टी का नहीं था समर्थन, मैं व्यक्तिगत रूप से गया था : जयराम
(बॉक्स)कुड़मी को आदिवासी बनाने के हुए आंदोलन में शामिल होने के बाद आलोचना का शिकार बनने के सवाल पर प्रभात खबर को विधायक जयराम महतो ने कहा कि मुझे केवल कुड़मी जाति का नेता कहे जाने की साजिश रची जा रही है. भाषा आंदोलन हो या खतियानी, क्या यह केवल कुड़मी जाति का आंदोलन है. हां, जिस समाज में जन्म लिया, शादी-विवाह, मरनी आदि में आना-जाना है, वह समाज यदि कहीं बुलाता है, तो वहां जाना कोई विवाद का वस्तु नहीं है. कहा कि कुड़मी समाज के रेल टेका आंदोलन में जेएलकेएम शामिल नहीं रहा, क्योंकि पार्टी में विभिन्न समाज के लोग शामिल हैं, हां मैं गया था, जिसे मैं गलत नहीं मानता. कहा कि अपने हक के संघर्ष में कुड़मी के अलावा किसी भी जाति समाज के लोग यदि बुलाते हैं, तो अवश्य जायेंगे और सरकार से उनकी मांग के लिए लड़ेंगे भी. लेकिन पार्टी वहां नहीं जायेगी. कहा कि कुछ लोग बेवजह इस मुद्दे को गरमा कर मुझे टारगेट कर रहे हैं, जिसे जनता भी समझ रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
