औद्योगिक विस्तार की दिशा में धनबाद के लिए बड़ी पहल शुरू हुई है. इस दिशा में जियाडा (झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण), बोकारो प्रक्षेत्र के विस्तारीकरण के लिए एग्यारकुंड अंचल में 1000 एकड़ गैर-मजरुआ भूमि की तलाश शुरू कर दी गयी है. नये उद्योगों के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण यह कवायद की जा रही है. एसी प्रदीप कुमार शुक्ला ने एग्यारकुंड के सीओ को उपयुक्त सरकारी भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया है.
30 एकड़ या अधिक की लगातार जमीन को प्राथमिकता
जिला राजस्व शाखा की ओर से जारी निर्देश के अनुसार भूमि चिह्नित करते समय 30 एकड़ या उससे अधिक रकबा वाली जमीन को प्राथमिकता दी जानी है. जमीन एक ही स्थान पर लगातार और आपस में जुड़ी होनी चाहिए. छोटे-छोटे अलग-अलग भूखंडों के बजाय बड़े और एकमुश्त भूभाग तलाशने को कहा गया है, ताकि भविष्य में वहां योजनाबद्ध तरीके से औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा सके.
नक्शे के साथ देना होगा हस्तांतरण प्रस्ताव
एग्यारकुंड सीओ को उपलब्ध गैर-मजरुआ भूमि की जांच कर उपयुक्त जमीन चिह्नित करने के साथ उसका विस्तृत नक्शा तैयार करना होगा. चिह्नित भूमि से संबंधित भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव भी अविलंब जिला स्तर पर उपलब्ध कराने को कहा गया है. जमीन की उपलब्धता और उसकी स्थिति की जांच के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी.
16 औद्योगिक क्षेत्रों में महज छह एकड़ खाली
जियाडा के बोकारो प्रक्षेत्र में वर्तमान में 16 औद्योगिक क्षेत्र हैं. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार करीब 1,634.04 एकड़ जमीन जियाडा को हस्तांतरित की जा चुकी है, जबकि खाली जमीन की उपलब्धता महज छह एकड़ है. इन औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 660 औद्योगिक इकाइयां दर्ज हैं. ऐसे में नये उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराने के लिए बड़े भूभाग की जरूरत लगातार बढ़ रही है.
15 जुलाई के पत्र के बाद कार्रवाई तेज
एग्यारकुंड में जमीन चिह्नित करने की कार्रवाई जियाडा, बोकारो प्रक्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक के 15 जुलाई 2026 के पत्र के आलोक में शुरू हुई है. जियाडा ने नये औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए जिला प्रशासन से भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था. इसके बाद एसी ने राजस्व शाखा के माध्यम से एग्यारकुंड सीओ को जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया.
निवेश और रोजगार की खुल सकती है राह
यदि एग्यारकुंड में 1000 एकड़ का एकमुश्त भूभाग उपलब्ध हो जाता है, तो लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों के लिए नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का रास्ता खुल सकता है। इससे धनबाद के औद्योगिक मानचित्र का विस्तार होने के साथ नये निवेश और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। हालांकि, फिलहाल प्रक्रिया जमीन की पहचान और हस्तांतरण प्रस्ताव तक सीमित है। अंतिम निर्णय के बाद ही औद्योगिक क्षेत्र के विकास की अगली प्रक्रिया शुरू होगी।
