धनबाद. अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर गोविंदपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय पलाशी के छात्र-छात्राओं ने सोमवार को नशा छोड़ो अभियान के तहत प्रभात फेरी निकाली. विद्यार्थियों ने हाथों में नशा मुक्ति और जागरूकता से संबंधित तख्तियां व बैनर लेकर ग्रामीणों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया. इस दौरान विद्यार्थियों ने ‘नशे को ना, जिंदगी को हां’ जैसे नारों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया.
प्रभात फेरी के माध्यम से विद्यार्थियों ने ग्रामीणों का ध्यान नशे के कारण होने वाले सामाजिक और व्यक्तिगत नुकसान की ओर आकर्षित किया. कार्यक्रम में शिक्षा के महत्व को भी प्रमुखता से सामने रखा गया. विद्यार्थियों ने ग्रामीणों से बच्चों की शिक्षा को लेकर गंभीर रहने और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की.
नारों और तख्तियों से दिया नशा मुक्ति का संदेश
प्रभात फेरी के दौरान छात्र-छात्राओं ने हाथों में जागरूकता संबंधी बैनर और तख्तियां लेकर गांव में भ्रमण किया. नशे से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विद्यार्थियों ने विभिन्न नारे लगाये. ‘नशे को ना, जिंदगी को हां’ जैसे नारों के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया.
शिक्षा को बताया सामाजिक बदलाव का माध्यम
कार्यक्रम के दौरान साक्षरता और शिक्षा के महत्व पर भी जोर दिया गया. विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को बताया कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक बदलाव में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की अपील की गयी.
शिक्षकों और समाजसेवी ने लिया हिस्सा
प्रभात फेरी में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका राधिका के साथ नजमा खातून, नसीमा खातून और हुसैन अंसारी समेत शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए. समाजसेवी फिरोज अंसारी उर्फ पप्पू भी कार्यक्रम में मौजूद रहे. शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए जागरूकता अभियान के उद्देश्य को ग्रामीणों तक पहुंचाने में सहयोग किया.
जागरूकता से सामाजिक बुराइयों से मुकाबले पर जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है. नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से बचाव के लिए परिवार और समुदाय की भूमिका महत्वपूर्ण है. लोगों से नशे से दूर रहने और बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की गयी. प्रभात फेरी के माध्यम से साक्षरता, शिक्षा और नशा मुक्ति का संदेश देते हुए कार्यक्रम का समापन हुआ.
