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कोरोना काल में देश में हुए रिसर्च में सिंफर का नंबर 1 लैब का ताज आज भी बरकरार, लॉकडाउन में भी पांच सौ प्रोजेक्ट पर हुए कार्य, रिकॉर्ड 884 करोड़ रुपये की हुई आय

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
सिंफर के निदेशक डॉ पीके सिंह
सिंफर के निदेशक डॉ पीके सिंह
फाइल फोटो

Jharkhand News, धनबाद (संजीव झा) : कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बावजूद केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (सिंफर) को शोध तथा अन्य प्रोजेक्ट के जरिये वित्तीय वर्ष 2020-21 में रिकॉर्ड लगभग 884 करोड़ की आय हुई. आंतरिक आय में संस्थान पूरे देश के सीएसआइआर के 39 लैब में लगातार तीसरे वर्ष पहले स्थान पर बरकरार रहा. हालांकि, कोरोना के कारण संस्थान की आय में वित्तीय वर्ष 2019-20 के मुकाबले कम रही.

कोरोना ने पूरी दुनिया की अर्थ व्यवस्था को प्रभावित किया. सिंफर भी इससे अछूता नहीं रहा. देश के अलग-अलग प्रांतों में जा कर रिसर्च प्रोजेक्ट को पूर्ण करने में यहां के वैज्ञानिकों, तकनीकी कर्मियों को काफी परेशानी हुई. खासकर वर्ष 2020 में अप्रैल से जुलाई तक यहां से बाहर जा कर काम करने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. पूरे देश में लागू लॉकडाउन के चलते ट्रेनें, हवाई जहाज बंद था. ऐसे में धनबाद से उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, मुंबई सहित दूर-दराज इलाका में संयंत्रों, मशीनों को लेकर जाना भी एक चुनौती थी. विशेष पास के जरिये सामान, अधिकारियों व कर्मियों को दो-दो हजार किलोमीटर दूर तक सड़क मार्ग से भेजा गया.

बीते वित्तीय वर्ष के दौरान सिंफर को तकनीकी ट्रांसफर के विरुद्ध रॉयल्टी मद से एक करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई. यह एक रिकॉर्ड है. अब तक सिंफर को तकनीकी के रॉयल्टी मद से वार्षिक 30 से 40 लाख रुपये की आय होती थी. एक वर्ष 45 लाख रुपये की आय हुई थी जो कि अब तक का रिकॉर्ड था. पिछले वर्ष संस्थान ने कई सरकारी तथा निजी उद्योगों को तकनीकी मदद दी गयी. इसके विरुद्ध रॉयल्टी का भुगतान किया गया.

सिंफर की टीम कई तरह के प्रोजेक्ट्स पर काम करती है. केंद्र सरकार के खनन, कोयला, रेलवे, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर संस्थान की टीम लगातार काम कर रही है. इसके अलावा सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), कोल इंडिया लिमिटेड, एनटीपीसी, टाटा स्टील, कोंकण रेलवे, कई राज्य सरकारों के पावर प्लांट, सीमेंट उद्योग के प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है. देश की पहली बुलेट ट्रेन के लिए भी संस्थान की तरफ से तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है.

वित्तीय वर्ष आय

वर्ष 2014-15 54.6 करोड़

वर्ष 2015-16 55.74 करोड़

वर्ष 2016-17 161.16 करोड़

वर्ष 2017-18 335.76 करोड़

वर्ष 2018-19 533.22 करोड़

वर्ष 2019-20 1011.62 करोड़

वर्ष 2020-21 883.73 करोड़

सिंफर के निदेशक डॉ पीके सिंह ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी तथा लॉकडाउन जैसी समस्या के बावजूद सिंफर के वैज्ञानिकों तथा कर्मियों ने शोध तथा अन्य क्षेत्र में काम किया है, वह काबिले तारीफ है. कई चुनौतियों के बावजूद विषम स्थल पर टीम ने लगातार काम किया. इसमें कंपनियों की तरफ से भी सहयोग मिला. पूरे सीएसआइआर में आंतरिक आय में सिंफर नंबर वन बना. इस वर्ष नयी जोश के साथ संस्थान की टीमें काम कर रही है, ताकि आने वाले समय में देश को विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति में सहायक बन सके. साथ ही संस्थान की आय भी बढ़ी.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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Published Date

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