करीब दस वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद निरसा विधानसभा क्षेत्र को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है. राज्य सरकार ने निरसा के दो प्रखंडों में झारखंड आवासीय बालिका विद्यालयों के निर्माण की स्वीकृति दे दी है. मंगलवार को सरकार से मंजूरी मिलने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है. स्थानीय लोगों ने इसे बेटियों की शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है.
एग्यारकुंड और केलियासोल में बनेंगे विद्यालय
स्वीकृति के अनुसार, एग्यारकुंड प्रखंड के राजपुरा मौजा में एक आवासीय बालिका विद्यालय का निर्माण किया जायेगा. दूसरा विद्यालय केलियासोल प्रखंड कार्यालय के समीप बनाया जायेगा. दोनों विद्यालयों का निर्माण कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की तर्ज पर किया जायेगा.
विधानसभा में लगातार उठती रही मांग
निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने इसे लंबे संघर्ष का परिणाम बताया. उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार के कार्यकाल से ही इन विद्यालयों की मांग की जा रही थी. पिछले दस वर्षों में विधानसभा के लगभग हर सत्र में उन्होंने इस मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाया.
दोनों विद्यालयों पर खर्च होंगे 20 करोड़ रुपये
दोनों आवासीय विद्यालयों के निर्माण पर कुल 20 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. प्रत्येक विद्यालय के निर्माण पर करीब 10 करोड़ रुपये की लागत आयेगी. विद्यालय भवन के साथ छात्राओं के लिए स्वच्छ पेयजल सहित आवश्यक बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जायेंगी. प्राप्त जानकारी के अनुसार सितंबर से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है.
छठी से 12वीं तक की छात्राओं को मिलेगा लाभ
दोनों आवासीय विद्यालयों में छठी से 12वीं कक्षा तक की छात्राओं को शिक्षा दी जायेगी. इससे निरसा के ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों की बेटियों को आवासीय व्यवस्था के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा.
