ढेर सारे विषय कवर करने से बेहतर सीमित विषयों को अधिक दक्षता के साथ पढ़ाने पर जोर

आइआइटी आइएसएम में मॉडलिंग पर राष्ट्रीय सेमीनार शुरू, देश भर के विभिन्न संस्थानों में 150 से अधिक वैज्ञानिक ले रहे हैं हिस्सा

आइआइटी आइएसएम में मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार शुक्रवार से शुरू हो गया. यहां गोल्डन जुबली लेक्चर डॉल में आयोजित इस सेमीनार में देश भर के 150 से वैज्ञानिक और रिसर्च स्कॉलर भाग ले रहे हैं. इस दौरान एआइ, एमएल और आइओटी के संदर्भ में मॉडलिंग, विश्लेषण और सिमुलेशन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जायेगी. सेमीनार के उद्धाटन जेसी बोस विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एसके तोमर, कुलपति और आइआइटी आइएसएम के निदेशक प्रो सुकुमार मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया. सेमीनार के दौरान देश भर के शीर्ष तकनीकी संस्थानों के 16 प्रतिष्ठित वक्ता शामिल हुए. इनमें आइआइटी गुवाहाटी, आइआइटी रोपड़, आइआइटी दिल्ली, आइआइटी मंडी के अलावा मेजबान संस्थान और विभिन्न शीर्ष रैंकिंग एनआइटी के वक्ता भाग ले रहे हैं. उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रो एसके तोमर कहा कि बहुत अधिक पढ़ाते समय शिक्षक कुछ ऐसे विषयों में फंस जाते हैं जिनमें वह बहुत अच्छे नहीं होते हैं. इसलिए जरूरी है कि बहुत सारे विषयों को कवर करने के बजाय सीमित विषयों को अधिक दक्षता और स्पष्टता के साथ पढ़ायें. प्रो सुकुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि सम्मेलन का विषय बहुत प्रासंगिक है. यह तकनीकी संस्थानों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि गणित में सिमुलेशन महत्वपूर्ण स्थान रखता है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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