धनबाद, आइआइटी आइएसएम धनबाद के खनन अभियंत्रण विभाग की ओर से शुक्रवार को ‘स्लोप स्टेबिलिटी, टनलिंग एंड ओपन पिट माइनिंग यूजिंग मिडास जीटीएस एनएक्स (जियोएनएक्स-2026)’ विषय पर दो दिवसीय विशेषज्ञ चर्चा व प्रायोगिक प्रशिक्षण कार्यशाला की शुरुआत हुई. उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता संस्थान के उपनिदेशक प्रो धीरज कुमार ने की. कार्यक्रम की समन्वयक प्रो स्वप्निल मिश्रा ने कहा कि वर्तमान में जियोटेक्निकल और खनन परियोजनाओं में न्यूमेरिकल मॉडलिंग व आधुनिक सॉफ्टवेयर आधारित विश्लेषण की भूमिका तेजी से बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों और उद्योग आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ना है. सिविल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ सौम्य चावला, जियोकंसल्ट इंडिया के प्रिंसिपल इंजीनियर चिरंजीव सरकार तथा मिडास के तकनीकी सहयोग अभियंता डॉ सिद्धार्थ पाठक ने विशेषज्ञ सत्र लिये. विशेषज्ञों ने स्लोप स्टेबिलिटी, टनल विश्लेषण, ओपन पिट खनन उत्खनन और जियोटेक्निकल मॉडलिंग से जुड़े विषयों पर व्याख्यान और प्रायोगिक सत्र आयोजित किये. प्रशिक्षण में 84 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं. इनमें छात्र, शोधार्थी, शिक्षक और उद्योग से जुड़े पेशेवर शामिल हैं. यह कार्यशाला नौ मई तक आइ टू एच सेंटर स्थित टेक्समीन स्मार्ट क्लासरूम में आयोजित की जायेगी. दूसरे दिन द्वि-आयामी और त्रि-आयामी टनल विश्लेषण तथा भूमिगत उत्खनन की न्यूमेरिकल मॉडलिंग पर प्रशिक्षण दिया जायेगा. मौके पर सतत शिक्षा कार्यक्रम के डीन प्रो केका ओझा, खनन अभियंत्रण विभाग के कार्यवाहक विभागाध्यक्ष प्रो. आरके सिन्हा मौजूद थे.
Dhanbad News : जियोटेक्निकल व खनन परियोजनाओं में आधुनिक तकनीकों की भूमिका बढ़ी : प्रो स्वप्निल
Dhanbad News : आइआइटी आइएसएम में जियोएनएक्स-2026 कार्यशाला शुरू, दो दिवसीय प्रशिक्षण में 84 शिक्षक, शोधार्थी व विद्यार्थी ले रहे हिस्सा.
