Dhanbad News: छह माह से अटकी प्रोत्साहन राशि, टीबी मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

Dhanbad News: निश्चय व आभा ऐप के जरिए अनिवार्य निबंधन की नयी व्यवस्था लागू होने के बाद तकनीकी खामियों के कारण मरीजों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है. इसका सीधा असर मरीजों की सेहत और उपचार पर पड़ रहा है.

धनबाद, जिले में टीबी (क्षय रोग) से जूझ रहे करीब 1200 मरीजों को पिछले छह महीनों से सरकार द्वारा दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पायी है. केंद्र व राज्य सरकार की योजना के तहत प्रत्येक टीबी मरीज को इलाज के दौरान हर माह एक हजार रुपये पोषण सहायता के रूप में दिये जाते हैं, ताकि मरीज बेहतर खान-पान कर जल्द स्वस्थ हो सकें. लेकिन निश्चय और आभा ऐप के जरिए अनिवार्य निबंधन की नयी व्यवस्था लागू होने के बाद तकनीकी खामियों के कारण मरीजों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है. इसका सीधा असर मरीजों की सेहत और उपचार पर पड़ रहा है. पोषण पर असर, इलाज में हो रही देरी प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने से सबसे ज्यादा असर मरीजों के पोषण पर पड़ा है. टीबी जैसी गंभीर बीमारी में पौष्टिक आहार बेहद जरूरी होता है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर मरीज दूध, फल और प्रोटीन युक्त भोजन नहीं जुटा पा रहे हैं. मरीजों ने बताया कि पहले मिलने वाली राशि से वे दवाइयों के साथ जरूरी खाद्य सामग्री खरीद लेते थे, लेकिन अब उन्हें उधार या अधूरे भोजन पर निर्भर रहना पड़ रहा है. इससे उनकी रिकवरी धीमी हो रही है और कई मामलों में मरीजों की स्थिति बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है. दवा नियमित लेने में भी आ रही दिक्कत हालांकि सरकारी अस्पतालों में टीबी की दवाएं नि:शुल्क मिलती हैं, लेकिन मरीजों को अस्पताल तक आने-जाने, जांच कराने और अन्य जरूरतों के लिए भी खर्च करना पड़ता है. प्रोत्साहन राशि बंद होने से कई मरीज नियमित जांच और फॉलोअप से दूरी बना रहे हैं. स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार इससे इलाज अधूरा छोड़ने (डिफॉल्टर) के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका है, इससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ा सकता है. तकनीकी समस्या से अटका निबंधन जानकारी के अनुसार छह माह पहले निश्चय और आभा ऐप के जरिए ऑनलाइन निबंधन अनिवार्य किया गया था, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या, ऐप की तकनीकी खामियां और प्रशिक्षण की कमी के कारण स्वास्थ्यकर्मी भी मरीजों का पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं. कई मामलों में आधार और अन्य दस्तावेज लिंक नहीं होने से भी प्रक्रिया अटक रही है. मरीजों और स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी चिंता प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने से मरीजों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ गयी है. अधिकारियों के अनुसार यदि जल्द तकनीकी समस्या दूर नहीं हुई, तो टीबी उन्मूलन अभियान पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. मरीजों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक तकनीकी समस्या दूर नहीं होती, तब तक ऑफलाइन माध्यम से राशि भुगतान की व्यवस्था बहाल की जाये, ताकि उनके इलाज और पोषण पर असर न पड़े.

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By ANAND KUMAR UPADHYAY

ANAND KUMAR UPADHYAY is a contributor at Prabhat Khabar.

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