प्रतिभा, मेहनत और लगन के साथ आर्थिक परिस्थितियां किसी विद्यार्थी के सपने पूरा करने में बाधक न हों, धनबाद में इसकी प्रेरक मिसाल सामने आयी है. सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, टेलीफोन एक्सचेंज की मेधावी छात्रा पूनम कुमारी ने 12वीं में 97.7 प्रतिशत अंक हासिल करने के बाद नीट-यूजी में 582 अंक प्राप्त किये और 16,972 ऑल इंडिया रैंक हासिल कर एसएनएमएमसीएच, धनबाद में एमबीबीएस में दाखिला लिया है.
छात्रा की प्रतिभा और उपलब्धि को देखते हुए धनबाद के डीसी आदित्य रंजन ने उसकी पूरी मेडिकल पढ़ाई का वित्तीय खर्च स्वयं वहन करने की पहल की है.
प्रशासन के सहयोग ने की हौसला अफजाई
डीसी की इस पहल से पूनम को मेडिकल शिक्षा के खर्च की चिंता से राहत मिलेगी और वह पूरी तरह अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी. प्रशासन के इस सहयोग से पूनम और उसके परिवार का हौसला बढ़ा है.
सरकारी स्कूल से पढ़ाई, अब डॉक्टर बनने की राह
पूनम ने मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से 12वीं की पढ़ाई पूरी की. इंटरमीडिएट परीक्षा में उसने 97.7 प्रतिशत अंक हासिल किये. इसके बाद नीट-यूजी में भी उसने शानदार प्रदर्शन किया. उसे 582 अंक मिले और ऑल इंडिया रैंक 16,972 रही. कैटेगरी रैंक 193 हासिल करने के बाद उसका चयन एमबीबीएस के लिए हुआ. अब वह एसएनएमएमसीएच में डॉक्टर बनने की पढ़ाई शुरू कर चुकी है.
आर्थिक चिंता से मुक्त होकर पढ़ेगी पूनम
एमबीबीएस में दाखिला पूनम और उसके परिवार के लिए बड़ी उपलब्धि है. वहीं, उपायुक्त द्वारा उसकी पूरी मेडिकल पढ़ाई का खर्च उठाने की पहल ने इस उपलब्धि को और खास बना दिया है.
इस सहयोग से मेडिकल शिक्षा के दौरान होने वाले खर्च को लेकर परिवार पर आर्थिक दबाव कम होगा. सरकारी स्कूल से पढ़ाई कर नीट में सफलता हासिल करने वाली पूनम की कहानी उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं.
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डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहती है पूनम
एमबीबीएस में दाखिले के साथ पूनम के डॉक्टर बनने के सपने की शुरुआत हो गयी है. एसएनएमएमसीएच परिवार ने उसकी सफलता पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है.
पूनम का लक्ष्य मेडिकल शिक्षा पूरी कर डॉक्टर बनना और समाज की सेवा करना है. डीसी के सहयोग से उसे अपने इस लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का नया संबल मिला है. पूनम की सफलता यह संदेश देती है कि प्रतिभा और मेहनत को सही समय पर सहयोग मिले, तो आर्थिक सीमाएं भी मंजिल की राह नहीं रोक सकतीं.
