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धनबाद के प्रगति नर्सिंग होम में तीन मरीजों की मौत पर परिजनों ने जमकर मचाया हंगामा, जानें क्या है पूरा मामला

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
धनबाद के प्रगति नर्सिंग होम में तीन मरीजों की मौत पर परिजनों का हंगामा
धनबाद के प्रगति नर्सिंग होम में तीन मरीजों की मौत पर परिजनों का हंगामा
File Photo

धनबाद : सरायढेला स्थित प्रगति नर्सिंग होम में रविवार देर रात व सोमवार सुबह तीन मरीजों की मौत हो गयी. इसके बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया. परिजनों का आरोप है कि अपनी लापरवाही को छुपाने के लिए शव को संक्रमित बता कर रख लिया गया. सूचना पर सरायढेला पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले को शांत कराया. मरनेवाले तीनाें मरीज पुटकी, मनोरम नगर व जोड़ापोखर शालीमार के रहनेवाले थे.

इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ गयी हालत :

पुटकी के रहनेवाले 40 वर्षीय मरीज की मृत्यु को लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन को दोषी ठहराया. मृतक के भाई का कहना है कि उनके भाई नॉर्मल स्थिति में इलाज कराने अस्पताल आये थे. रविवार रात में उन्होंने घरवालों से बातचीत भी की थी. सुबह में उनको चार इंजेक्शन लगाये गये. इंजेक्शन के बाद उनकी स्थिति बिगड़ती चली गयी और मृत्यु हो गयी. मरीज को कोरोना संक्रमित बताया गया है, जबकि उनका इलाज कोविड प्रोटोकॉल के तहत नहीं, बल्कि सामान्य तरीके से किया गया.

एसएनएमएमसीएच ने बताया निगेटिव, मौत के बाद कह रहे पॉजिटिव

मनोरम नगर के रहनेवाले मृतक के परिवारवालों ने बताया कि उनके मरीज की कोरोना जांच एसएनएमएमसीएच में करवायी गयी थी. रिपोर्ट निगेटिव आयी थी. यहां रविवार की रात मरीज की मौत के बाद उन्हें कोरोना पॉजिटिव बता करके शव देने से इंकार कर दिया गया.

अस्पताल प्रबंधन ने पहले तो इलाज में लापरवाही बरती और अब एसएनएमएमसीएच की रिपोर्ट को भी गलत साबित किया जा रहा है. परिजनों का कहना है कि अगर वह संक्रमित थे, तो सामान्य मरीजों के बीच रख कर उनका इलाज क्यों किया जा रहा था. मौत के बाद भी शव को कोरोना दिशा-निर्देश के अनुरूप नहीं रखा गया. ऐसे में वह कैसे मान लें कि वह पॉजिटिव थे.

चंदा लेकर पति का करा रही थी इलाज :

शालीमार की रहनेवाली महिला ने बताया उनके पति की तबीयत अचानक बिगड़ जाने पर उन्हें इलाज के लिए प्रगति नर्सिंग होम में भर्ती कराया था. चिकित्सकों ने इलाज में लापरवाही बरती. नतीजन सोमवार की सुबह उनकी मौत हो गयी. अस्पताल प्रबंधन ने एक लाख 35 हजार का बिल थमा दिया है.

पति का इलाज वह चंदा करके करवा रही थी. चार बेटियों की परवरिश का जिम्मा पति के कंधे पर था. पति की मौत के बाद अब परिवार का लालन-पालन व लोगों से चंदा पर जुटाई गयी रकम की भरपाई कैसे होगी, इसकी चिंता सता रही है. उन्होंने कहा कि डॉक्टर अगर सही इलाज करते तो शायद आज उसकी जान बच जाती.

डॉक्टर अपनी तरफ से पूरा प्रयास कर रहे हैं कि किसी की मौत न हो. हंगामा के कारण दूसरे मरीजों को भी परेशानी होती है. लोगों को यह समझना चाहिए. किन्हीं को लग रहा है कि उन्हें कोरोना संक्रमित की रिपोर्ट गलत दी गयी है तो वह पोस्टमार्टम करा सकते हैं.

-जयप्रकाश खेतान, संचालक, प्रगति नर्सिंग होम

Posted By : Sameer Oraon

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Published Date

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