धनबाद से मनोहर की रिपोर्ट
Coal India: कोल इंडिया लिमिटेड ने अपने कर्मचारियों और पेंशनधारकों के हित में एक बड़ा और राहतभरा फैसला लिया है. कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब कैंसर जैसे गंभीर रोगों के इलाज पर होने वाला खर्च वास्तविक आधार पर प्रतिपूर्ति (रिम्बर्समेंट) किया जाएगा. इस फैसले से हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.
कोलकर्मियों को विशेष सुविधा
इस नई व्यवस्था के तहत मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल और नेशनल कैंसर सेंटर में इलाज कराने वाले कोलकर्मियों को विशेष सुविधा दी जाएगी. इन संस्थानों में होने वाले कैंसर उपचार का पूरा खर्च कंपनी द्वारा वापस किया जाएगा. यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि टाटा मेमोरियल अस्पताल देश के प्रमुख कैंसर उपचार केंद्रों में से एक है.
इलाज के सभी प्रमुख घटक होंगे शामिल
जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, इस योजना के तहत कैंसर इलाज के सभी मानक घटकों को शामिल किया गया है. इसमें डॉक्टर से परामर्श, विभिन्न जांच, इमेजिंग, कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी और सर्जरी जैसी जरूरी प्रक्रियाएं शामिल हैं. इससे मरीजों को इलाज के हर चरण में आर्थिक चिंता से राहत मिलेगी.
शर्तों के तहत मिलेगा रिम्बर्समेंट
हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें भी तय की गई हैं. इलाज टाटा मेमोरियल अस्पताल द्वारा प्रमाणित होना चाहिए और उसे स्वीकृत ऑन्कोलॉजी प्रोटोकॉल के तहत किया जाना जरूरी होगा. इसके बाद ही खर्च की प्रतिपूर्ति की जाएगी. इससे यह सुनिश्चित होगा कि मरीजों को मानक और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके.
सेवानिवृत्त कर्मियों और आश्रितों को भी लाभ
यह सुविधा केवल कार्यरत कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके आश्रितों को भी इसका लाभ मिलेगा. जो लोग मेडिकल अटेंडेंस रूल्स और सीपीआरएमएसई योजना के तहत आते हैं, वे भी इस योजना का फायदा उठा सकेंगे. इससे बड़ी संख्या में परिवारों को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा.
गंभीर बीमारियों के इलाज में मिलेगी राहत
कैंसर जैसे गंभीर और महंगे इलाज में अक्सर मरीजों और उनके परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. कोल इंडिया के इस फैसले से अब कर्मचारियों को इस बोझ से काफी हद तक राहत मिलेगी. यह कदम कंपनी की कर्मचारी हितैषी नीतियों को भी दर्शाता है.
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स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह निर्णय न सिर्फ आर्थिक सहायता प्रदान करता है, बल्कि कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देने का भी संकेत देता है. इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे बेहतर तरीके से अपने कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे. कोल इंडिया का यह कदम अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है.
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