बलियापुर जलापूर्ति फेज-2 की पाइप फटने से पिछले 15 से 20 दिनों से जलापूर्ति ठप है. इससे 12 पंचायतों के 27 गांवों में रहने वाले हजारों परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे हैं. आमटाल, चांदकुईयां, अलकडीहा, मुकुंदा, कुसमाटांड़, सुरूंगा, पलानी और आमझर समेत कई गांवों के लोगों को पानी के लिए स्थानीय आरओ प्लांट पर निर्भर रहना पड़ रहा है. जरूरत के लिए लोग पानी खरीदकर काम चला रहे हैं.
गर्मी और रोजमर्रा की जरूरतों के बीच बढ़ा संकट
ग्रामीणों का कहना है कि जलापूर्ति जैसी आवश्यक सेवा बाधित होने के बावजूद पाइप की मरम्मत में लगातार देरी हो रही है. गर्मी और रोजमर्रा की जरूरतों के बीच लंबे समय से पानी की आपूर्ति नहीं होने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. लोगों ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा जिला प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर पाइप की मरम्मत कराने और नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है.
जल्द आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो आंदोलन का अल्टीमेटम
विधायक प्रतिनिधि हीरालाल मोदक ने बताया कि फेज-2 से पिछले करीब 20 दिनों से जलापूर्ति बंद है. इससे 12 पंचायतों के 27 गांवों के लोग प्रभावित हैं. उन्होंने बताया कि विभागीय अभियंता लखीराम मांझी से जल्द पाइप की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने का आश्वासन मिला है.
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उन्होंने कहा कि यदि जल्द जलापूर्ति शुरू नहीं हुई, तो विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जायेगा. ग्रामीणों का कहना है कि जलापूर्ति योजना का उद्देश्य लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराना है. ऐसे में पाइप फटने के बाद लंबे समय तक मरम्मत नहीं होना गंभीर लापरवाही है. उन्होंने निर्धारित समय सीमा में मरम्मत पूरी कर निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है.
