आसनसोल यार्ड में NDRF के साथ रेलवे की मॉक ड्रिल: ट्रेन हादसे का सीन बनाकर परखी गयी राहत और बचाव की तैयारी

Asansol Railway Mock Drill: रेल हादसों के वक्त 'गोल्डन ऑवर' में जान बचाना सबसे बड़ी चुनौती होती है. इसी चुनौती को परखने के लिए पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल ने शनिवार को एनडीआरएफ के साथ मिलकर एक बड़ा युद्धाभ्यास किया.

Asansol Railway Mock Drill, धनबाद: रेलवे बोर्ड के निर्देशों के तहत, पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल ने शनिवार को बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया. यह अभ्यास आसनसोल यार्ड के सैटेलाइट साइडिंग में, एनडीआरएफ की द्वितीय बटालियन के साथ संयुक्त रूप से किया गया. इस मॉक ड्रिल का नेतृत्व मंडल रेल प्रबंधक (DRM) संग्रह मौर्य ने किया.

ट्रेन हादसे का सीन बनाकर किया गया अभ्यास


अभ्यास के दौरान, ट्रेन संख्या 03631 (जसीडीह-आसनसोल समर स्पेशल) के पटरी से उतरने का एक काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया. इसमें दो डिब्बों को दुर्घटनाग्रस्त स्थिति में रखा गया, जिसमें एक डिब्बा पलटा हुआ था और दूसरा उसके ऊपर चढ़ा हुआ दिखाया गया. इससे एक गंभीर रेल दुर्घटना जैसी स्थिति बनाई गई, ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन की वास्तविकता को गहराई से परखा जा सके.

एनडीआरएफ व अन्य एजेंसियों के साथ तालमेल


घटना का आकलन होते ही मंडल कंट्रोल ने तुरंत एनडीआरएफ, अग्निशमन दल और अन्य संबंधित एजेंसियों को सूचना दी. इसके बाद, सभी टीमों ने समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्य शुरू किया. रेलवे की दुर्घटना राहत चिकित्सा वैन (ARMV), दुर्घटना राहत ट्रेन (ART) और क्रेन की मदद से बचाव व पुनर्स्थापन कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया.

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यात्रियों के लिए सहायता डेस्क और पूछताछ केंद्र


मॉक ड्रिल के दौरान, यात्रियों की सहायता के लिए दुर्घटनास्थल और प्रमुख स्टेशनों पर हेल्प डेस्क व पूछताछ केंद्र बनाए गए. इससे आपात स्थिति में सूचना प्रबंधन की व्यवस्था को भी परखा गया. पूरा अभ्यास तय समय में और बेहतर समन्वय के साथ पूरा किया गया, जो रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को दर्शाता है.

आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने का उद्देश्य


इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों का वास्तविक आकलन करना था. साथ ही, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के पालन और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य रहा. मंडल रेल प्रबंधक संग्रह मौर्य ने पूरे अभ्यास की बारीकी से निगरानी की, जिससे आपदा के समय बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.

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Published by: Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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