धनबाद: यदि भीड़-भाड़ से आपको परहेज है तो आप अब अपने मोबाइल स्क्रीन पर भी धनबाद के पूजा-पंडालों को देख सकते हैं. साथ ही जो ड्यूटी या किसी अन्य कारणों से धनबाद के पूजा-पंडालों के दर्शन नहीं कर पायेंगे, वे पूजा के बाद भी इंटरनेट के माध्यम से न केवल देख पायेंगे, बल्कि अपने पसंद के पूजा-पंडालों को वोट भी कर सकेंगे.
पूजा-पंडालों (पंजीकृत) का ऑनलाइन दर्शन करानेवाली वेबसाइट इस वर्ष अपना मोबाइल एप्लीकेशन (एप) भी लांच करने जा रही है. इस तरह शहरवासियों को कंप्यूटर के साथ-साथ मोबाइल पर भी पूजा-पंडालों के दर्शन होंगे. वेबसाइट के संस्थापक नवनीत नमन ने बताया कि इस बार वेबसाइट अपग्रेड होगा. इसके होम पेज पर रेट इट, फोटोग्राफी, मैसेज एवं सिटी टू इट का ऑप्शन रहेगा. इसके अलावा नव दुर्गा के लिंक, रैंडमली वीडियो आदि होंगे. साथ ही पूजा-पंडालों के चार कंपीटीशन भी कराये जा रहे हैं. वेबसाइट व मोबाइल एप 30 सितंबर को लांच होगा.
ऐसे डाउनलोड करें एप : एप वेबसाइट से भी डाउनलोड किया जा सकेगा. इसे एंड्राइड मोबाइल के प्ले स्टोर में जाकर भी डाउन किया जा सकेगा. इन दोनों माध्यम से अपने पसंद के पूजा-पंडालों को वोट भी किया जा सकेगा. वेबसाइट में फेसबुक, ट्वीटर आदि सोशल मीडिया के लिंक होंगे.
श्लोक व मंत्र भी : वेबसाइट में गोडेस दुर्गा, नव दुर्गा के ोक, मंत्र, मां दुर्गा के विभिन्न रूप व नाम, शक्ति पीठ, मां वैष्णव देवी की व्याख्या, दुर्गा चालीसा, स्तुति, आरती, कवच हिंदी व अंगरेजी में पढ़े व देखे जा सकते हैं. विभिन्न पूजा समितियों की जानकारी, उनके पूजा-पंडालों के फोटो, वीडियो, पूजा-अर्चना, सिंदूर खेला एवं रावण का पुतला दहन आदि का भी आनंद श्रद्धालु ले सकते हैं.
कंपीटीशन 16 नवंबर तक : पूजा-पंडालों को देखने के साथ साथ अपने पसंद को वोट भी दिया जा सकेगा. कंपीटीशन 16 नवंबर तक होंगे एवं 29 नवंबर को श्रेष्ठ पूजा-पंडालों का पुरस्कार वितरण होगा. हालांकि अन्य पर्व-त्योहारों में भी इस वेबसाइट में अपने फोटो अपलोड किये जा सकते हैं, जिसे फोटो कांटेस्ट (फेस्टिव मूड) के नाम से चलाया जा रहा है. इसमें प्रसिद्ध फोटोग्राफर मुकेश श्रीवास्तव समेत कई निर्णायक की भूमिका में हैं.
