धनबाद में 1996 में सबसे ज्यादा 54 प्रत्याशी थे मैदान में

धनबाद : धनबाद लोकसभा चुनाव को लेकर गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं. वोटरों को रिझाने के लिए तरह-तरह के उपक्रम किये जा रहे हैं. इस बार कुल 20 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं. धनबाद लोक सभा चुनाव में प्रत्याशियों की बात करें, तो सबसे ज्यादा प्रत्याशी 1996 में खड़े हुए थे. उस […]

धनबाद : धनबाद लोकसभा चुनाव को लेकर गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं. वोटरों को रिझाने के लिए तरह-तरह के उपक्रम किये जा रहे हैं. इस बार कुल 20 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं. धनबाद लोक सभा चुनाव में प्रत्याशियों की बात करें, तो सबसे ज्यादा प्रत्याशी 1996 में खड़े हुए थे. उस वर्ष कुल 54 प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया था. वहीं सबसे कम प्रत्याशी 1957 में खड़े हुए थे. इस साल मात्र चार उम्मीदवारों ने भी भाग्य आजमाया था.
एक नजर प्रत्याशियों की संख्या पर
1952 लोक सभा चुनाव में सात, 1957 में चार, 1962 में सात, 1967 में छह, 1971 में 15, 1977 में 13, 1980 में 20, 1984 में 24, 1989 22, 1991 में 40, 1996 में 54, 1998 में नौ, 2004 में 10, 2009 में 32, 2014 में 31 प्रत्याशी मैदान में थे.
इस बार भी कई निर्दलीय आजमा रहे भाग्य
धनबाद लोक सभा में इस बार भी कई निर्दलीय भाग्य आजमा रहे हैं. पिछली बार के निर्दलीय प्रत्याशी डॉ केसी सिंहराज ने दस हजार से अधिक वोट लाकर सबको अपने ओर आकर्षित किया था. वह अपने अलग प्रचार के लिए जाने जाते हैं.
इस बार (2019) के चुनाव में भी फिर से भाग्य आजमा रहे हैं. इसके साथ प्रेम प्रकाश पासवान, हीरालाल शंखवार सहित अन्य इस बार भी चुनाव में खड़े हैं. सभी अपने-अपने पक्ष में मतदान के लिए अपील भी कर रहे हैं.
2014 में नोटा में 7,675 वोट पड़े थे
वर्ष 2014 चुनाव में 31 प्रत्याशी थे, इसके बावजूद 7,675 लोगों ने अपना मतदान नोटा को दिया था. यह कुल वोटिंग का 0.67 प्रतिशत था.

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