धनबाद : धनबाद बार एसोसिएसन के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने बुधवार से न्यायिक कार्यों का अनिश्चितकालीन बहिष्कार शुरू किया. इससे कोर्ट में कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया. हजारों मामले की सुनवाई नहीं हो सकी. अधिवक्ता आज कोर्ट आये और बार लाइब्रेरी से जुलूस निकाला जो जेल गेट, जज कोर्ट, सीजेएम कोर्ट होते हुए रणधीर वर्मा चौक पर पहुंचा. जुलूस बार एसोसिएशन गेट पर आकर धरना स्थल पर समाप्त हो गया.
बार अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी की अध्यक्षता में एक सभा हुई. बार अध्यक्ष ने कहा कि अधिवक्ता को साजिश के तहत गलत मुकदमे में फंसाया गया है. पुलिस ने बगैर जांच के अधिवक्ता को आतंकवादी की तरह सलूक कर गिरफ्तार किया है. मामले की न्यायिक जांच से ही सच्चाई सामने आ सकती है. बार एसोसिएशन के महासचिव विदेश कुमार दां ने कहा कि जब तक इस मामले की न्यायिक जांच नहीं होती है और अधिवक्ता को रिहा नहीं किया जाता है तब तक कोर्ट का बहिष्कार जारी रहेगा. पुलिस की इस कार्यशैली पर विरोध जताने झारखंड स्टेट बार कौंसिल के मेंबर संजय कुमार विद्रोही, एके रशीदी, प्रयाग महतो पहुंचे और सभा में शामिल हुए.
मौके पर ब्रज किशोर, मुकूल कुमार, कंसारी मंडल, देवी शरण सिन्हा, दीप नारायण भट्टाचार्य, पीके भट्टाचार्य, अमित कुमार सिंह, धनेश्वर महतो, मनोज सिन्हा, सहदेव महतो, पीसी महतो, पंकज प्रसाद, मेघनाथ रवानी, राजीव कुमार, अनिल कुमार दास, सुबोध कुमार, सोमनाथ चौधरी, एमके जाना, केदारनाथ महतो समेत काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे. उल्लेखनीय है कि बैंक मोड़ थाना की पुलिस ने नाबालिग से छेड़खानी के आरोप में अधिवक्ता अश्विनी कुमार को अरेस्ट कर जेल भेजा है.
नाबालिग का कोर्ट में बयान, आरोप पर कायम : धनबाद. बैंक मोड़ थाना की पुलिस ने पुराना बाजार की छेड़छाड़ पीड़ित नाबालिग का दप्रसं की धारा 164 का बयान न्यायिक दंडाधिकारी मिस तबिंदा खान की अदालत में दर्ज कराया. नाबालिग ने घटना की पुष्टि की. उसने कहा कि अधिवक्ता ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी. विदित हो कि पुलिस ने अधिवक्ता अश्विनी कुमार के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजा है.
पीड़िता के पक्ष में सड़क पर उतरे विभिन्न संगठन, कैंडल मार्च
धनबाद : 12 वर्षीया बच्ची से छेड़खानी मामले को लेकर विभिन्न संगठन के लोग उद्वेलित हैं. पीड़िता को न्याय व अधिवक्ता को कड़ी सजा की मांग को लेकर मंगलवार को विभिन्न संगठनों के लोग सड़क पर उतरे. पुराना बाजार मारवाड़ी युवा मंच भवन से लेकर पानी टंकी तक कैंडल मार्च निकाला. कैंडल मार्च में महिलाएं भी शामिल हुईं. बुधवार को विभिन्न संगठनों के लोगों ने डीसी व एसएसपी से मिल कर स्पीडी ट्रायल की गुहार लगायी. डीसी ए दोड्डे व एसएसपी मनोज रतन चौथे ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि पुलिस अपना काम कर रही है. मामले में जो दोषी होगा, उन पर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी. प्रतिनिधिमंडल में मारवाड़ी यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल, महासचिव संजय गोयल, कृष्णा अग्रवाल, जिला चेंबर महासचिव चेतन गोयनका, पुराना बाजार चेंबर अध्यक्ष मो सोहराब, सचिव अजय नारायण लाल, महेंद्र अग्रवाल, भीखू अग्रवाल, मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष पवन सोनी, बरटांड़ चेंबर अध्यक्ष मधुरेंद्र सिंह, अनिता अग्रवाल, किरण रिटोलिया आदि थे.
इधर, मंगलवार को मारवाड़ी युवा मंच भवन में विभिन्न संगठनों की संयुक्त बैठक हुई. घटना की घोर निंदा करते हुए आगे चरणबद्ध आंदोलन कर आरोपी अधिवक्ता को जल्द से जल्द सजा दिलाने का संकल्प लिया गया. पीड़ित परिवार से मिल कर पूरे घटनाक्रम में साथ रहने का भरोसा दिलाया और निर्भीक होकर आगे की कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया. कहा गया कि बार एसोसिएशन अनिश्चितकालीन हड़ताल कर पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है.
संगठन का आरोप
सोशल मीडिया में अनर्गल पोस्ट : संगठन के लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया में अनर्गल पोस्ट के जरिये पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है. पोस्ट में लिखा जा रहा है कि एसडीएम के इशारे पर ऐसा किया गया, पीड़ित छात्रा के पिता के साथ पूर्व मे विवाद था, जिसके कारण उन्हें झूठा मुकदमा में फंसाया गया आदि.
अनर्गल पोस्ट पर संगठन का जवाब : ‘बार एसोसिएशन या धनबाद के अधिवक्ता पता नहीं क्यों इतने उतावले हो रखे हैं. क्या उनका कानून पर से विश्वास उठ गया है. अगर अधिवक्ता अश्विनी के साथ अन्याय हुआ है तो उन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करना चाहिए न कि सोशल मीडिया में इस तरह का पोस्ट डाल कर सामाजिक माहौल को विषाक्त बनाना चाहिए. आप बुद्धिजीवी समाज के माने जाते हैं. आम जनमानस में आपके द्वारा उठाया गया कदम का क्या और कैसे प्रभाव पड़ेगा. आगे भी आपको इसी समाज के साथ रहना है.
