रंजय हत्याकांड : पुलिस की साख का भी सवाल

धनबाद : पुलिस पर इस बात को लेकर भी अंगुली उठती रही है कि नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या में तो उसने तेजी से काम किया, लेकिन उससे पहले हुए रंजय हत्याकांड में पुलिस का अनुसंधान ठहर गया. मामा के पीछे कौन है? रंजय सिंह की हत्या क्यों हुई? मामा र्मडर केस में […]

धनबाद : पुलिस पर इस बात को लेकर भी अंगुली उठती रही है कि नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या में तो उसने तेजी से काम किया, लेकिन उससे पहले हुए रंजय हत्याकांड में पुलिस का अनुसंधान ठहर गया. मामा के पीछे कौन है? रंजय सिंह की हत्या क्यों हुई? मामा र्मडर केस में शामिल नहीं है तो वह क्यों फरार है? यह सब खुलासा मामा के पुलिस गिरफ्त में आने के बाद ही हो सकेगा.
मामा की फरारी पुलिस के लिए परेशानी बन गयी है. मामा को पकड़े जाने पर ही पुलिस रंजय हत्याकांड के साजिशकर्ताओं के गर्दन पर हाथ रख सकेगी. झरिया विधायक संजीव सिंह ने 15 दिसंबर, 2017 को झारखंड विधानसभा में रंजय हत्याकांड का मामले को उठाया. संजीव ने कहा कि रंजय सिंह हत्याकांड में पुलिस लीपापोती कर चुकी है. ऐसे में रंजय हत्याकांड का उद्भेदन पुलिस की साख से जुड़ चुका है और इस हत्या के उद्भेदन में मामा महत्वपूर्ण कड़ी है.
कौन है मामा
बिहार के आरा जिले के चौरी थाना क्षेत्र के बरेथ गांव निवासी नंद कुमार सिंह उर्फ रूना सिंह उर्फ बबलू सिंह उर्फ मामा धनबाद में डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह (रघुकुल) व हर्ष सिंह (धैया) का करीबी रहा है. बबलू मामा नीरज सिंह के मामा के ससुराल का रहने वाला है. मामा दो दशक से धनबाद में रघुकुल व धैया का करीबी है. रघुकुल व धैया के काफिले में साये की तरह चलता रहा है. मामा के खिलाफ धनबाद के बैंक मोड़, रांची, व जमशेदपुर के थानों में पहले से ही आपराधिक मामला दर्ज है.
धनबाद में रघुकुल व धैया से जुड़े हर कार्यक्रम में मामला शामिल रहता था. पूर्व डिप्टी मेयर स्वर्गीय नीरज सिंह हो या उनके मैसेरे भाई हर्ष िसंह का परिवार सभी जगह बबलू को मामा कहकर बुलाया जाता रहा है. रंजय हत्याकांड के बाद मामा खासे चर्चा में आया. इसके बाद पुलिस मामा की खोज में रेस हुई. मामा की िगरफ्तारी को लेकर झारखंड, बिहार तथा यूपी में कई बार छापामारी हुई. पहले तो पुलिस को मामा का स्थायी पता भी मालूम नहीं था. मामा के संबंधी तेतुलमारी में रहते हैं. रंजय हत्याकांड में तत्कालीन सिटी एसपी अंशुमान कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने रघुकुल व धैया स्थित हर्ष के अावास में छापामारी की. मामा की खोज में रेस हुई मामा के गांव व संबंधियों के घर भी कई बार दबिश दी, लेकिन वह नहीं पकड़ा जा सका.
हाईकोर्ट पहुंचा मामला
रंजय की पत्नी रूनी देवी मामले की शिकायत सीएम जनसंवाद में कर चुकी हैं. मुख्यमंत्री सचिवालय के निर्देश पर पुलिस ने हत्याकांड में सक्रियता बढ़ायी.सरायढेला थाना की पुलिस पिछले 30 नवंबर, 2017 की रात सोनोटेल होटल से डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह के मौसेरे भाई हर्ष सिंह को उठाकर थाना लायी और पूछताछ की. हर्ष को थाना से दूसरे दिन छोड़ा गया. पुलिस मामले में डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह उर्फ छोटे को एक दिसंबर, 2017 को थाना बुलाकर पूछताछ की. दोनों ने पुलिस को मामा के ठिकानों के बारे पता नहीं होने की बात कही. रंजय की पत्नी रूमी देवी ने हाइकोर्ट में रिट फाइल कर अपने पति की हत्या की सीबीआइ जांच की मांग है. हत्याकांड में पुलिस द्वारा शिथलिता बरते जाने का आरोप लगा आरोपियों को बचाने का भी आरोप है. रिट में गृह सचिव, डीजीपी, एसएसपी, डीएसपी, व आइओ को पार्टी बनाया गया है.

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