धनबाद : कोल इंडिया में कार्यरत मजदूर संगठनों के आपसी विवाद और खींचतान से कोयला मजदूर लगातार प्रभावित हो रहे हैं. 10 वें वेतन समझौता संपन्न हुए छह माह गुजर गये, पर बकाया एरियर समेंत कई ऐसे मुद्दे हैं जो अभी तक लंबित पड़े हैं.
वेतन समझौते पर एक साथ रहनें वाले लेफ्ट और राइट कमर्शियल माइनिंग के सवाल पर एक बार फिर आमने-सामने हैं तो वेतन समझौते का विरोध करने वाला एचएमएस आज कमर्शियल माइनिंग के सवाल पर बीएमएस के साथ खड़ा है. इंटक वेतन समझौते के खिलाफ में खड़ा था और आज भी कमर्शियल माइनिंग के खिलाफ लेफ्ट यूनियनों के साथ खड़ा है. यूनियनों के बदलते तेवर से घाटे में मजदूर है.
क्या है मामला
10 अक्तूबर 2017 को कोयला मजदूरों के दसवें वेतन समझौते पर बीएमएस, सीटू और एटक ने हस्ताक्षर किया. एचएमएस ने विरोध में हस्ताक्षर नहीं किया. इंटक इस समझौते में शामिल ही नहीं था. समझौते के बाद इंटक और एचएमएस ने विरोध में कई कार्यक्रम किये. वहीं बीएमएस, सीटू और एटक समझौते को मजदूर हित में बताते रहे. इस झमेले को लेकर 10 वें जेबीसीसीआइ की स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी के गठन का काम पेंडिंग पड़ा रहा. एचएमएस से रिश्ते सुधरने के बाद चार मार्च को एपेक्स जेसीसी की बैठक में स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी के गठन पर सहमति बनी. 11 अप्रैल को स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी गठन की सूचना जारी हुई.
एकता फिर अलगाव: चार मार्च को स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी के गठन पर सहमति के बाद बीएमएस, सीटू, एटक और एचएमएस की हुई बैठक में कमर्शियल माइनिंग के खिलाफ 16 अप्रैल को हड़ताल का फैसला लिया गया. 14 मार्च को हड़ताल का नोटिस चार यूनियनों ने दिया. 12 अप्रैल को मंत्री के साथ वार्ता हुई. इसके बाद 13 अप्रैल को कोल सचिव के साथ हुई वार्ता में हड़ताल स्थगित करने पर सहमति हुई. पर सीटू और एटक ने हस्ताक्षर नहीं किया जबकि बीएमएस और एचएमएस ने हस्ताक्षर कर दिया. बस यहीं से लेफ्ट और राइट की राहें जुदा हो गयीं.
बैठक तय, फिर स्थगित
स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी गठन के बाद 21 अप्रैल को पहली बैठक कोलकाता में होना तय हुआ. इससे मजदूरों को लगा कि अब पेंडिंग मुद्दों का कुछ समाधान जरूर निकलेगा. कम से कम एरियर भुगतान का घोषणा तो जरूर हो जायेगी. कोल इंडिया के जीएमपी डीजे नायक ने 16 अप्रैल को सूचना भी जारी कर दी. पर 19 अप्रैल को बैठक स्थगित होने की सूचना जारी कर दी गयी, जिससे कोल वर्करों में एक बार फिर निराशा फैल गयी. मजदूर अब यूनियनों पर ही सवाल उठाते हुए कहते हैं कि दुनिया के मजदूरों को एक होने का नारा देने वाले मजदूर संगठन ही जब एक नहीं हैं तो मजदूर एक कैसे होंगे.
पेंडिंग मुद्दे
दसवें समझौता के तहत एरियर, शहरी आवास भत्ता, ओटी रिवीजन, मेडिकेयर स्कीम की देखरेख के लिए ट्रस्ट, इस स्कीम के तहत रिटायर कर्मियों को सदस्य बनने की समय सीमा का निर्धारण, टेक्निकल कमेटी का गठन, ठेका मजदूरों के लिए कमेटी का गठन आदि मुद्दे लंबित हैं. दूसरी ओर अगले महीने के प्रथम सप्ताह में स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी की बैठक होने की संभावना जतायी जा रही है.
