प्रतिनिधि, चितरा . चितरा कोलियरी के न्यू कांटा में ( वर्ष 2012 से 2018 ) सात वर्षों तक कोलियरी क्षेत्र के पोखरिया गांव निवासी राधेश्याम महतो व जनार्दन महतो ने प्राइवेट सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम किया था. लेकिन सात वर्ष बीतने के बाद भी इन दोनों को बकाया मासिक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है. इस संबंध में दोनों गार्ड ने बताया की, जब मानदेय मांग को लेकर उन लोगों ने आवाज उठायी और आंदोलन करने लगे तो उन्हें यह कहकर हटा दिया गया कि यहां सुरक्षा गार्ड का जरूरत नहीं है. यहां सीआइएसएफ ड्यूटी करेंगे. उसके बाद उन्हें 2018 में ही काम से भी हटा दिया गया. उन्होंने कहा 2018 में हमलोगों ने कोलियरी के क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर आत्मदाह का भी प्रयास किया था. उस समय ईसीएल कार्यालय का काफी चक्कर लगाने के बाद भी किसी ने उनका दर्द नहीं समझा तो थक हारकर बैठ गये. बकाया मानदेय लेने की मांग को लेकर प्राइवेट सुरक्षा गार्ड राधेश्याम महतो व जनार्दन महतो ने कहा की हमलोग की माली हालत खराब हो गयी और अब फिर से आंदोलन करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि हमलोगों ने सात वर्षों तक कड़ी मेहनत कर व जान जोखिम में डालकर इसीएल की संपत्ति को सुरक्षा देने का काम किया है. इसलिए हम दोनों को बकाया मानदेय मिलना ही चाहिए. इसके लिए हमलोग उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे.
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