सारवां. प्रखंड क्षेत्र के तुतरा पहाड़ी स्थित मां त्रिपुरसुंदरी मंदिर में वासंती नवरात्र के अवसर पर नवमी तिथि को मां सिद्धिदात्री की विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र और समाज के कल्याण की कामना की गयी. इस अवसर पर पंडित नंदकिशोर झा एवं पुजारी बालेश्वर झा ने पूरे विधि-विधान के साथ माता की पूजा संपन्न करायी. पूजा के उपरांत सैकड़ों कुमारी कन्याओं का पूजन कर उन्हें श्रद्धापूर्वक भोजन कराया. दिनभर मंदिर परिसर में मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया. मान्यता है कि मां त्रिपुरसुंदरी संपूर्ण ब्रह्मांड की अधिष्ठात्री देवी हैं और उनकी पूजा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. मंदिर और वेदी के संबंध में बताया जाता है कि बाबाधाम देवघर के प्रख्यात तांत्रिक सर्वानंद महाराज ने वर्षों पूर्व इस पहाड़ी पर मां की स्थापना की थी. इस परंपरा को महर्षि भवानंद झा ने लंबे समय तक आगे बढ़ाया. महर्षि भवानंद झा के त्रिकुट पर्वत चले जाने के बाद इस परंपरा को सतभैया परिवार व ग्रामीणों द्वारा निरंतर जारी रखा जा रहा है. उल्लेखनीय है कि वर्ष 1961 में सरदार पंडा भावप्रीतानंद ओझा ने भी इस मंदिर में मां की पूजा-अर्चना की थी. पूजा संचालन में पंडित पप्पू झा, अध्यक्ष संतोष सिंह, अनिल सिंह, मोहन सिंह, सिकंदर सिंह, दुर्गेश झा, पिंटू सिंह, मदन सिंह, चक्रधर सिंह, बम शंकर सिंह, सुभाष सिंह, विक्रम सिंह, बालेश्वर सिंह सहित दर्जनों श्रद्धालु सक्रिय रूप से शामिल रहे. हाइलार्ट्स : तुतरा पहाड़ी में मां की पूजा कर की क्षेत्र कल्याण की कामना वासंती नवरात्र पर सैकड़ों कुमारी कन्याओं का हुआ पूजन
मां त्रिपुरसुंदरी मंदिर में नवमी पर हुई सिद्धिदात्री की पूजा, भक्तों ने की मंगलकामना
तुतरा पहाड़ी में मां की पूजा कर की क्षेत्र कल्याण की कामना
