मधुपुर. अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में मंगलवार को शिविर आयोजित कर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का 10 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गयी. शिविर में महिला चिकित्सक डॉ आशा ने 78 गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व जांच की. इस दौरान गर्भवती महिलाओं का रूटीन जांच, ब्लड प्रेशर, सुगर, वजन आदि की जांच हुई. जांच के क्रम में एक हाई रिस्क गर्भवती महिला चिह्नित हुई, जिनका समुचित इलाज किया गया. 10 गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन सामान्य से कम पाया गया. इस दौरान 37 महिला को अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा गया. मौके पर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ शाहिद ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की काउंसिलिंग करके चिकित्सक ने गर्भावस्था के दौरान जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य की देखभाल के बारे में जानकारी दी गयी. प्रसव के बाद परिवार कल्याण के तरीके के बारे में भी विस्तार से बताया गया. हाई रिस्क कैटेगरी, हीमोग्लोबिन की कमी और उच्च रक्तचाप वाली गर्भवती महिलाओं को भी चिकित्सक ने जांच कर इलाज किया गया. इसके तहत अब प्रत्येक महीने की नौ तारीख के अलावा जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का महीना के अंतिम बुधवार को भी जांच करके इलाज किया जाता है. समय पर इन खतरों की पहचान करके बहुत सी जटिलताओं को कम किया जाता है. गर्भावस्था के दौरान हर महीना एएनसी जांच जरूरी है. इस दौरान गर्भवती महिलाओं को जांच उपरांत आयरन की गोली, कैल्शियम, विटामिन की दवा भी दिया गया. वहीं, गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन, आईसीटीसी और अन्य खून जांच नि:शुल्क किया गया. मौके पर मीसा भारती, सरिता कुमारी, नमिता कुमारी, डिंपल कुमारी, मलय खां, अविनाश कुमार समेत बीटीटी, सहिया साथी व सहिया मौजूद थे.
अनुमंडलीय अस्पताल में 78 गर्भवतियों की हुई जांच, एक हाई रिस्क मामला चिह्नित
मधुपुर: स्वस्थ मां, स्वस्थ शिशु: मातृत्व अभियान के तहत चला व्यापक जांच अभियान
