मधुपुर. शहर के महेंद्र सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में आश्विन मास की पूर्णिमा पर शरद पूर्णिमा उत्सव पारंपरिक ढंग से मनाया गया. इस अवसर पर शाखा लगाकर स्वयंसेवकों के बीच शरद पूर्णिमा उत्सव के महत्व पर प्रकाश डाला गया. झारखंड घुमंतू कार्य के प्रांत संयोजक वसुदेव ने कहा कि आज समाज में पनप रही पश्चिमी सभ्यता, संस्कृति व संस्कार में बदलाव हुआ है. कहा कि संस्कृति और संस्कार हमारे पूर्वजों की धरोहर है. इसे बचाना और इसका संवर्धन करना हमारा प्रमुख कार्य है. उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर पंच परिवर्तन पर भी विस्तृत चर्चा की. कहा कि आज घर-घर में संपर्क कर जन-जन तक इस संदेश को पहुंचाने की आवश्यकता है. संयुक्त परिवार और एकल परिवार में क्या महत्वपूर्ण है ?. हमारे संस्कार और हमारी संस्कृति कैसे सुरक्षित रह सकती है?. इस विषय पर परिवार के लोगों को साथ बैठकर विस्तृत चर्चा करनी चाहिए. माताओं को विशेष रूप से सजग रहकर अपने बच्चों पर भारतीय संस्कृति और संस्कार का प्रभाव डालना चाहिए और उन्हें इनके महत्व को समझाना चाहिए. कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में सामूहिक भोजन का आयोजन हुआ. मौके पर बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे. हाइलार्ट्स : मधुपुर के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के सभागार में आयोजन
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